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द्विज प्रिय संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जिसे जीवन की बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त सूर्योदय से चंद्र दर्शन तक उपवास रखकर विशेष पूजा करते हैं। सनातन धर्म में इस व्रत का गहरा आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। द्विज प्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत, पूजा विधि, कथा और महत्व की पूरी जानकारी Mahakal.com पर जानें।
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