Package selection Details Payment
Package → Details → Payment
सूर्य ग्रहण दोष शांति पूजन

सूर्य राहु केतु युति ग्रहण दोष निवारण पूजन

Puja Venue

श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन (म.प्र.)

 07 November, Saturday

07 November, Saturday

अब तक 10000 + भक्तों महाकाल डॉट कॉम के ज़रिए पूजा सेवाओं में भाग लेकर दिव्य आशीर्वाद का अनुभव किया है।

4.9/5 (1K+ ratings)

बुकमार्क पूजा का समय सीमित है, अभी अपनी जगह बुक करें!
00 दिन
00 घंटे
00 मिनट
00 सेकेंड
Divine & Transparent Process

Simple Pooja Booking Process

1
Login & quick details

Enter your name and mobile number for instant verification

2
Choose pooja date

Select an auspicious upcoming date or pick your own custom date

3
Select service package

Choose the best sankalp package based on your preference and needs

4
Sankalp details & payment

Provide family members names gotra and complete secure online payment

5
Booking confirmation & alerts

Receive instant booking confirmation and a reminder schedule 5 hours prior

6
Video recording & certificate

Get your personalized pooja video link and sacred digital certificate within 3 to 4 days

अपना पूजा पैकेज चुनें

अपनी पूजा के लिए सबसे सही पैकेज चुनें। हर पैकेज आपकी आध्यात्मिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है, जिसमें साफ़ कीमत और शामिल सर्विस शामिल हैं।

1 Person

25,000 ग्रहण दोष शांति मंत्र जाप

इस विशेष अनुष्ठान में 7,000 सूर्य मंत्रों एवं 18,000 राहु मंत्रों सहित कुल 25,000 वैदिक मंत्रों का जाप कर ग्रहण दोष के अशुभ प्रभावों की शांति की जाएगी।

11 वैदिक पंडितों द्वारा अनुष्ठान

संपूर्ण पूजन एवं अनुष्ठान 11 अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा संपन्न किया जाएगा।

नवग्रह आवाहन एवं पूजन

समस्त नवग्रहों का विधिवत आवाहन किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से सूर्य देव एवं राहु की आराधना की जाएगी।

सूर्य-राहु शांति हवन

ग्रहजनित बाधाओं के निवारण एवं सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हेतु विशेष हवन संपन्न किया जाएगा।

108 पवित्र आहुतियाँ

वैदिक परंपरा के अनुसार विशेष पूजन सामग्री के साथ आहुतियाँ अर्पित की जाएंगी।

नाम एवं गोत्र संकल्प

यजमान के नाम एवं गोत्र से व्यक्तिगत संकल्प लिया जाएगा।

लाइव दर्शन एवं रिकॉर्डेड वीडियो

पूजन का लाइव दर्शन उपलब्ध कराया जाएगा तथा रिकॉर्डेड वीडियो लिंक 7 दिनों के भीतर साझा किया जाएगा।

दिव्य प्रसाद एवं सहभागिता प्रमाणपत्र

पूजन उपरांत मंदिर का पावन प्रसाद एवं सहभागिता प्रमाणपत्र प्रेषित किया जाएगा।

सूर्य + राहु युति ग्रहण दोष निवारण

1 Person

24,000 ग्रहण दोष शांति मंत्र जाप
इस अनुष्ठान में 7,000 सूर्य मंत्रों एवं 17,000 केतु मंत्रों सहित कुल 24,000 वैदिक मंत्रों का जाप कर ग्रहण दोष की शांति की जाएगी।

11 वैदिक पंडितों द्वारा अनुष्ठान
संपूर्ण पूजन 11 विद्वान वैदिक पंडितों द्वारा संपन्न किया जाएगा।

नवग्रह आवाहन एवं पूजन
समस्त नवग्रहों का पूजन किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से सूर्य देव एवं केतु की उपासना की जाएगी।

सूर्य-केतु शांति हवन
कर्मजनित बाधाओं की शांति एवं जीवन में सकारात्मकता हेतु विशेष हवन किया जाएगा।

108 पवित्र आहुतियाँ
विशेष पूजन सामग्री के साथ 108 वैदिक आहुतियाँ अर्पित की जाएंगी।

नाम एवं गोत्र संकल्प
यजमान एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु नाम एवं गोत्र से संकल्प लिया जाएगा।

लाइव दर्शन एवं रिकॉर्डेड वीडियो
लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा रिकॉर्डेड वीडियो 7 दिनों के भीतर साझा किया जाएगा।

दिव्य प्रसाद एवं सहभागिता प्रमाणपत्र
पूजन उपरांत पावन प्रसाद एवं सहभागिता प्रमाणपत्र भेजा जाएगा।

सूर्य + केतु युति ग्रहण दोष निवारण

अपनी भक्ति अर्पित

अपनी पूजा के साथ-साथ आप चढ़ावा चढ़ा सकते हैं या अपनी भक्ति दिखाने के लिए दान कर सकते हैं।'

About puja & significance

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन

सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति जनित ग्रहण दोष की शांति हेतु

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, जीवन शक्ति, अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा पितृ कृपा का कारक माना जाता है। जब जन्मकुंडली में सूर्य की राहु अथवा केतु के साथ युति बनती है, तब इसे पारंपरिक रूप से सूर्य ग्रहण दोष अथवा सूर्य ग्रहण योग का निर्माण करने वाला योग माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रह स्थिति सूर्य के प्राकृतिक तेज एवं शक्ति को प्रभावित कर सकती है, जिससे व्यक्ति की आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, मान्यता प्राप्त करने की क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा जीवन की दिशा से जुड़ी परिस्थितियाँ प्रभावित हो सकती हैं।

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसे इस ग्रह योग से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति की कामना से सम्पन्न किया जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, नवग्रह पूजन एवं हवन के माध्यम से सम्पन्न यह पूजन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने तथा राहु एवं केतु द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली ग्रह ऊर्जा में सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करता है। यह अनुष्ठान जीवन में आत्मबल, स्पष्टता, स्थिरता एवं शुभ प्रगति को प्रोत्साहित करने की भावना से किया जाता है।

ज्योतिषीय महत्व

  • वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता, जीवन शक्ति तथा पितृ कृपा का कारक माना जाता है।
  • सूर्य की राहु अथवा केतु के साथ युति को पारंपरिक रूप से सूर्य ग्रहण दोष का निर्माण करने वाला योग माना जाता है, जो सूर्य द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले प्राकृतिक बल एवं सकारात्मक गुणों को प्रभावित कर सकता है।
  • सूर्य-राहु युति को प्रायः आत्म-पहचान, मान्यता, अधिकार, सार्वजनिक छवि तथा निर्णय लेने की क्षमता से संबंधित चुनौतियों के साथ जोड़ा जाता है।
  • सूर्य-केतु युति आत्म-संशय, आंतरिक संघर्ष, उपलब्धियों से विरक्ति अथवा अपनी पूर्ण क्षमता को व्यक्त करने में कठिनाई जैसी प्रवृत्तियाँ उत्पन्न कर सकती है।
  • राहु और केतु, छाया ग्रह होने के कारण, कर्मजनित शिक्षाओं, भ्रम, अप्रत्याशित परिस्थितियों तथा जीवन में परिवर्तनकारी अनुभवों से जुड़े माने जाते हैं।
  • यह ग्रहण दोष पारंपरिक रूप से उन व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में अधिक स्पष्टता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा स्थिरता प्राप्त करना चाहते हैं।
  • सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन ग्रहों में सामंजस्य स्थापित करने, सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को सुदृढ़ करने तथा सूर्य देव एवं नवग्रहों की कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

पूजन के प्रभाव

  • सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति से जुड़े अशुभ ज्योतिषीय प्रभावों की शांति में सहायक माना जाता है।
  • आत्मविश्वास, आत्मबल एवं सकारात्मक आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है।
  • नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की योग्यता के विकास में सहायक माना जाता है।
  • व्यक्तिगत विकास, मान्यता प्राप्ति तथा व्यावसायिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाली परिस्थितियों को कम करने में सहायक माना जाता है।
  • मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता तथा जीवन की चुनौतियों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है।
  • दैनिक जीवन में स्थिरता, दृढ़ संकल्प तथा उद्देश्यपूर्ण सोच को बढ़ावा देता है।
  • सूर्य देव एवं नवग्रहों की दिव्य कृपा द्वारा समग्र कल्याण, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है।

निष्कर्ष

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन केवल ग्रह शांति का अनुष्ठान नहीं है; यह एक पवित्र वैदिक साधना है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति के भीतर सूर्य तत्व को सुदृढ़ करना है। सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति के ज्योतिषीय प्रभावों की शांति हेतु शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह पूजन साधकों को दिव्य कृपा, ग्रह सामंजस्य तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

श्रद्धा, समर्पण एवं पारंपरिक वैदिक विधियों के अनुसार सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान आत्मविश्वास, स्पष्टता, गरिमा एवं सकारात्मक परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में सहायक माना जाता है। सूर्य देव की कृपा तथा नवग्रहों के मंगलमय आशीर्वाद की प्राप्ति की कामना के साथ यह पूजन संतुलित एवं समृद्ध जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रयास माना जाता है।

Reviews & testimonials
Frequently asked questions

Clear your doubts before booking

उत्तर: उपलब्ध सूची में से अपनी इच्छित पूजा चुनें, पसंदीदा तिथि और समय चुनें, आवश्यक विवरण भरें और अपनी बुकिंग की पुष्टि करने के लिए भुगतान पूरा करें।

उत्तर: बुकिंग के बाद, आपको निर्धारित समय, पंडित विवरण और वर्चुअल सत्र में शामिल होने के लिए एक लिंक (यदि लागू हो) के साथ एक पुष्टिकरण ईमेल या एसएमएस प्राप्त होगा।
उत्तर: एक बार ऑनलाइन पूजा बुक हो जाने के बाद आप उसे पुनर्निर्धारित या रद्द नहीं कर सकते। अनुष्ठान की उचित व्यवस्था और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए सभी बुकिंग अंतिम हैं।
उत्तर: यदि आप सत्र में शामिल होने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो कृपया अपना इंटरनेट कनेक्शन जांचें और अपने पुष्टिकरण ईमेल में विवरण सत्यापित करें। यदि समस्या बनी रहती है, तो सहायता के लिए सहायता से संपर्क करें।
उत्तर: हां, हमारी सभी ऑनलाइन पूजाएं अनुभवी और योग्य पंडितों द्वारा आयोजित की जाती हैं जो पारंपरिक अनुष्ठानों का पालन करते हैं और आपकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत प्रार्थनाएं करते हैं।
Google Reviews 4.9★
★ ★ ★ ★ ★