श्री सूक्त स्तोत्र पाठ
श्री गज महालक्ष्मी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
16 October, Friday
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नाम एवं गोत्र संकल्प
श्री सूक्त पाठ के दौरान आपका नाम एवं गोत्र लेकर पवित्र संकल्प किया जाता है। कुल 108 पाठ माँ लक्ष्मी की कृपा से धन, स्थिरता, शांति और बाधा निवारण हेतु संपन्न किए जाते हैं।
ब्राह्मण सहभागिता
यह अनुष्ठान 3 विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शुद्ध मंत्रोच्चारण के साथ किया जाता है।
मंडल पूजन, पाठ एवं दशांश हवन
- ऊर्जा शुद्धि हेतु मंडल पूजन
- पूर्ण श्रद्धा से 108 श्री सूक्त पाठ
- धन, समृद्धि और सकारात्मकता हेतु दशांश हवन
लाइव अनुभव
अनुष्ठान शुरू होने से एक घंटे पहले सूचना दी जाती है। पूरा रिकॉर्डेड वीडियो 4–5 दिनों में साझा किया जाता है।
आध्यात्मिक प्रमाणपत्र
इस पवित्र अनुष्ठान की स्मृति स्वरूप आध्यात्मिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
दिव्य प्रसाद
श्री सूक्त पाठ एवं हवन का प्रसाद 7–8 दिनों में आपके घर भेजा जाता है।
श्री सूक्तम 108 पाठ
नाम एवं गोत्र संकल्प
आपके नाम और गोत्र के साथ 551 श्री सूक्त पाठ किए जाते हैं, जिससे दीर्घकालीन धन वृद्धि, व्यापार सफलता और माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ब्राह्मण सहभागिता
यह महा अनुष्ठान 16 अनुभवी ब्राह्मणों द्वारा संपन्न किया जाता है।
मंडल पूजन, पाठ एवं दशांश हवन
- मंडल पूजन
- 551 श्री सूक्त पाठ
- स्थायी समृद्धि हेतु दशांश हवन
लाइव अनुभव
लाइव सूचना के साथ रिकॉर्डेड वीडियो 4–5 दिनों में प्रदान किया जाता है।
आध्यात्मिक प्रमाणपत्र
महा अनुष्ठान का विशेष प्रमाणपत्र दिया जाता है।
दिव्य प्रसाद
श्री सूक्त पाठ एवं हवन का प्रसाद 7–8 दिनों में आपके घर भेजा जाता है।
श्री सूक्तम 551 पाठ
नाम एवं गोत्र संकल्प
आपके नाम और गोत्र के साथ 1100 श्री सूक्त पाठ किए जाते हैं, जिससे दरिद्रता नाश, ऋण मुक्ति और स्थायी लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
ब्राह्मण सहभागिता
यह विशेष अनुष्ठान 31 श्रेष्ठ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा संपन्न होता है।
मंडल पूजन, पाठ एवं दशांश हवन
- मंडल पूजन
- 1100 श्री सूक्त पाठ
- स्थायी समृद्धि हेतु दशांश हवन
लाइव अनुभव
लाइव सूचना एवं पूरा वीडियो 4–5 दिनों में उपलब्ध कराया जाता है।
आध्यात्मिक प्रमाणपत्र
एक विशेष आध्यात्मिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
दिव्य प्रसाद
अत्यंत ऊर्जित प्रसाद 7–8 दिनों में आपके घर भेजा जाता है।
श्री सूक्तम 1100 पाठ
नाम एवं गोत्र संकल्प
श्री सूक्त पाठ के दौरान आपका नाम एवं गोत्र लेकर पवित्र संकल्प किया जाता है। यह संकल्प माँ लक्ष्मी की कृपा से धन, स्थिरता, शांति और बाधा निवारण के उद्देश्य से किया जाता है।
5 पाठ
कुल 5 श्री सूक्त पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ किए जाते हैं, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
ब्राह्मण सहभागिता
यह पवित्र अनुष्ठान 1 विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शुद्ध मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न किया जाता है, जिससे इसकी आध्यात्मिक प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है।
मंडल पूजन, पाठ एवं दशांश हवन
- ऊर्जा शुद्धि हेतु मंडल पूजन
- श्रद्धा के साथ 5 / 11 / 21 श्री सूक्त पाठ
- धन, समृद्धि और सकारात्मकता हेतु दशांश हवन
लाइव अनुभव
अनुष्ठान शुरू होने से एक घंटे पहले सूचना दी जाती है। पूरा रिकॉर्डेड वीडियो 4–5 दिनों में साझा किया जाता है।
आध्यात्मिक प्रमाणपत्र
इस पवित्र अनुष्ठान की स्मृति स्वरूप आपको आध्यात्मिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
दिव्य प्रसाद
श्री सूक्त पाठ एवं हवन का प्रसाद 7–8 दिनों में आपके घर भेजा जाता है।
श्री सूक्तम् 5 पाठ
अपनी भक्ति अर्पित
अपनी पूजा के साथ-साथ आप चढ़ावा चढ़ा सकते हैं या अपनी भक्ति दिखाने के लिए दान कर सकते हैं।'
दीप दान (दीपक अर्पण)
₹201/-पुस्तक दान (पुस्तकें भेंट करना)
₹251/-अन्न दान (जरूरतमंदों को भोजन देना)
₹201/-गौ सेवा (गायों की देखभाल और सेवा)
₹151/-वस्त्र दान (जरूरतमंदों को कपड़े भेंट करना)
₹551/-वृक्ष दान (वृक्ष दान/वृक्ष रोपण)
₹201/-नंदी सेवा (नंदी की देखभाल और सेवा)
₹101/-ग्रंथ दान
₹151/-निधि दान (धन दान)
₹51/-भूमि दान (मंदिर या आश्रम के लिए भूमि दान की पेशकश)
₹501/-About puja & significance
श्री सूक्त स्तोत्र पाठ
श्री सूक्त स्तोत्र पाठ एक वैदिक स्तोत्र है जो देवी लक्ष्मी की स्तुति में रचा गया है। यह ऋग्वेद में पाया जाता है और देवी लक्ष्मी की कृपा, धन, समृद्धि, और ऐश्वर्य प्राप्त करने के लिए इसका पाठ किया जाता है।श्री सूक्त में मन्त्रों की संख्या पन्द्रह है। सोलहवें मन्त्र में फलश्रुति है। बाद में ग्यारह मन्त्र परिशिष्ट के रूप में उपलब्ध होते हैं। श्री सूक्त का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है और यह विशेष रूप से लक्ष्मी पूजा और धन-समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है।श्री सूक्त का पाठ विशेष रूप से शुक्रवार और दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा के दौरान किया जाता है।
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त पाठ करना शुभ माना गया है। हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को धन, समृद्धि, आनंद और वैभव की देवी माना जाता हैं। श्री सूक्त का पाठ करने से महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसे मां लक्ष्मी की अराधना करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। श्री यंत्र के सामने श्री सूक्त का पाठ किया जाता है। इस मंत्र में श्री सूक्त के पंद्रह छंदों में अक्षर, शब्दांश और शब्दों के उच्चारण से अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी के ध्वनि शरीर का निर्माण किया जाता है। श्रीसूक्त ऋग्वेद के पांचवें मण्डल के अन्त में होता है। सुक्त में मंत्रों की संख्या पन्द्रह है। सोलहवें मंत्र में फलश्रुति है। बाद में ग्यारह मंत्र परिशिष्ट के रूप में उपलब्ध होते हैं। इनको लक्ष्मीसूक्त के नाम से स्मरण किया जाता है।
श्री सूक्त का महत्व और उद्देश्य
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धन और समृद्धि श्री सूक्त का पाठ आर्थिक समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से घर में धन का आगमन होता है और जीवन में संपत्ति, सुख-समृद्धि और उन्नति आती है।
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सकारात्मक ऊर्जा श्री सूक्त के उच्चारण से घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह स्तोत्र घर में शांति और सुख का वातावरण बनाता है।
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आध्यात्मिक उन्नति यह स्तोत्र केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी पढ़ा जाता है। इससे मन की शुद्धि होती है और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
श्री सूक्त का पाठ और पूजा धन, समृद्धि और वैभव प्रदान करने वाली मानी जाती है। यह देवी लक्ष्मी की स्तुति का प्रमुख स्रोत है। श्री सूक्त का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है और यह देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने का एक प्रमुख साधन है।