गंडमूल दोष का सच : कारण, असर और शांति के उपाय

गंडमूल दोष क्या है? जानें इसके कारण, प्रभाव और सरल निवारण उपाय। इस ब्लॉग में गंडमूल नक्षत्र, गंडमूल शांति पूजा, महामृत्युंजय मंत्र और ज्योतिषीय समाधान की पूरी जानकारी पाएं। जन्म कुंडली में गंडमूल दोष का सही विश्लेषण और प्रभावी उपाय जानें।

गंडमूल दोष का सच : कारण, असर और शांति के उपाय

गंडमूल दोष की सच्चाई: कारण, प्रभाव और उपाय

हिंदू ज्योतिष में गंडमूल दोष (Gand Mool Dosh) को एक महत्वपूर्ण जन्म दोष माना जाता है। जब कोई शिशु कुछ विशेष नक्षत्रों में जन्म लेता है, तो उसे गंडमूल दोष कहा जाता है। कई लोग इस दोष को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन सही जानकारी और उचित उपायों से इसका निवारण संभव है।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे — गंडमूल दोष क्या है, इसके प्रभाव, और इसके प्रभावी निवारण।

गंडमूल दोष क्या होता है?

 जब किसी बच्चे का जन्म इन 6 नक्षत्रों में होता है, तो उसे गंडमूल दोष माना जाता है:

  • अश्विनी
  • आश्लेषा
  • मघा
  • ज्येष्ठा
  • मूल
  • रेवती

इन नक्षत्रों को “गंडमूल नक्षत्र” कहा जाता है क्योंकि ये राशि चक्र के संधि स्थानों पर स्थित होते हैं। मान्यता है कि इन नक्षत्रों में जन्म लेने पर जीवन में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं।

गंडमूल दोष के संभावित प्रभाव

गंडमूल दोष का प्रभाव हर व्यक्ति पर समान नहीं होता। यह जन्म समय, ग्रह स्थिति और कुंडली पर निर्भर करता है। आम तौर पर इसके प्रभाव इस प्रकार बताए जाते हैं:

1. परिवार पर प्रभाव

  • माता-पिता को स्वास्थ्य या मानसिक तनाव
  • परिवार में अस्थिरता या आर्थिक बाधाएं

2. व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव

  • बचपन में स्वास्थ्य समस्याएँ
  • करियर में उतार-चढ़ाव
  • निर्णय लेने में कठिनाई

3. नक्षत्र के अनुसार विशेष प्रभाव

  • मूल नक्षत्र: पिता पर प्रभाव माना जाता है
  • आश्लेषा: माता से जुड़ी चुनौतियाँ
  • मघा: पारिवारिक प्रतिष्ठा पर असर
  • ध्यान रखें: ये सामान्य मान्यताएँ हैं, हर कुंडली अलग होती है।

क्या गंडमूल दोष हमेशा अशुभ होता है?

नहीं। आधुनिक ज्योतिष के अनुसार गंडमूल दोष हमेशा नकारात्मक नहीं होता। कई सफल और प्रसिद्ध लोग भी गंडमूल नक्षत्र में जन्मे हैं। यदि कुंडली में शुभ ग्रह मजबूत हों, तो दोष का प्रभाव कम या समाप्त भी हो सकता है।

गंडमूल दोष का सही समय पर निवारण क्यों जरूरी है?

परंपरा के अनुसार, जन्म के बाद 27वें दिन (उसी नक्षत्र की पुनरावृत्ति पर) गंडमूल शांति करवाई जाती है।इस दिन विशेष पूजा करने से दोष के नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं।

गंडमूल दोष निवारण के उपाय

1. गंडमूल शांति पूजा

यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

इसमें शामिल होते हैं:

  • नक्षत्र देवता की पूजा
  • हवन और मंत्र जाप
  • नवग्रह शांति

लाभ:

  • दोष शांति
  • बच्चे और परिवार की सुरक्षा
  • सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि

2. महामृत्युंजय मंत्र जाप

  • यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

मंत्र: -

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। 

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

कैसे करें:

  • 108 या 1100 बार जाप
  • सोमवार या प्रदोष में विशेष फलदायी

3. दान और सेवा

गंडमूल दोष शांति में दान का विशेष महत्व है।

क्या दान करें:

  • अनाज
  • वस्त्र
  • गाय को हरा चारा
  • ब्राह्मण भोजन

4. नक्षत्र अनुसार उपाय

  • मूल नक्षत्र : पीपल वृक्ष की पूजा
  • आश्लेषा: नाग देवता की पूजा
  • मघा: पितृ तर्पण

5. मंदिर में विशेष अभिषेक

  • रुद्राभिषेक
  • नवग्रह पूजा
  • शिवलिंग पर जलाभिषेक

ये उपाय मानसिक शांति और ग्रह दोष कम करने में सहायक होते हैं।

गंडमूल दोष से जुड़े भ्रम

भ्रम 1: गंडमूल बच्चा अशुभ होता है

सत्य: ऐसा नहीं है, यह केवल एक ज्योतिषीय योग है।

भ्रम 2: इसका कोई उपाय नहीं

सत्य: सही पूजा और उपाय से दोष शांति संभव है।

 भ्रम 3: जीवन भर प्रभाव रहता है

सत्य: समय और उपाय से प्रभाव कम हो जाता है।

गंडमूल दोष शांति कब करवाएं?

  • जन्म के 27वें दिन (सबसे उत्तम)
  • या किसी शुभ मुहूर्त में
  • अनुभवी पंडित या योग्य ज्योतिषाचार्य के मार्गदर्शन में विधि-विधान से

निष्कर्ष

गंडमूल दोष एक ज्योतिषीय योग है, न कि जीवनभर का अभिशाप। यह जन्म के समय चंद्रमा की विशेष नक्षत्र स्थिति से संबंधित होता है। इसके प्रभाव व्यक्ति की संपूर्ण कुंडली पर निर्भर करते हैं, इसलिए हर गंडमूल जन्म को अशुभ मानना उचित नहीं है।समय पर की गई गंडमूल शांति पूजा, महामृत्युंजय मंत्र जाप, दान-पुण्य और नक्षत्र अनुसार उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात — भय और अंधविश्वास से दूर रहकर सही जानकारी और योग्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन अपनाएं। श्रद्धा, विश्वास और उचित उपायों के साथ गंडमूल दोष जीवन में बाधा नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति और संतुलन का माध्यम बन सकता है।

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