लाभ पंचमी 2025: पूजा, महत्व और शुभ मुहूर्त

लाभ पंचमी 2025 पर करें माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा। इस दिन नए कार्य या व्यापार की शुरुआत अत्यंत शुभ मानी जाती है। जानें पूजन विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त।

लाभ पंचमी 2025: पूजा, महत्व और शुभ मुहूर्त

लाभ पंचमी दीपावली के बाद आने वाली कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। गुजरात व भारत के कई भागों में इसे व्यापारण पंचमी या सौभाग्य पंचमी भी कहा जाता है। यह दिन व्यापार और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

लाभ पंचमी का धार्मिक महत्व

लाभ पंचमी को श्री गणेश और माँ लक्ष्मी की संयुक्त उपासना का दिन माना गया है। ऐसा विश्वास है कि इस दिन किया गया पूजन व्यक्ति को धन, लाभ और सफलता प्रदान करता है। व्यापारी वर्ग दीपावली के अवकाश के पश्चात् इसी दिन अपने बही‑खाते (खातावही) पुनः खोलते हैं और नई लेन‑देन की शुरुआत करते हैं।

लाभ पंचमी पूजन विधि

  • प्रातः स्नान करके घर या दुकान में पूजन स्थल को स्वच्छ करें।

  • गणेश‑लक्ष्मी जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें।

  • हलदी, चावल, पुष्प, फल और मिठाई अर्पित करें।

  • लाभ और श्री की प्राप्ति हेतु “श्री गणेशाय नमः” तथा “लक्ष्मी माता नमः” मंत्रों का जप करें।

  • अंत में परिवार सहित आरती करें और प्रसाद वितरण करें।

शुभ मुहूर्त (Labh Panchami 2025)

  • तिथि प्रारंभ: 01 नवंबर 2025, प्रातः 09:36 बजे

  • तिथि समाप्त: 02 नवंबर 2025, प्रातः 07:58 बजे

  • शुभ पूजन समय: 01 नवंबर, सायं 6:00 से 8:00 बजे तक

लाभ पंचमी का संदेश

यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि पवित्र मन, सत्य कार्य और ईश्वर भक्ति से प्राप्त लाभ ही सच्चा लाभ है। इस दिन आरंभ किए गए हर कार्य में सफलता के योग बढ़ जाते हैं।

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