संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व, पूजा विधि व लाभ | भगवान गणेश

संकष्टी चतुर्थी व्रत का आध्यात्मिक महत्व जानें। पूजा विधि, चंद्र दर्शन का महत्व और कैसे भगवान गणेश जीवन की बाधाओं को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व, पूजा विधि व लाभ | भगवान गणेश

संकष्टी चतुर्थी

बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश का पावन व्रत

भूमिका

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। यह व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। संकष्टी का अर्थ है संकटों से मुक्ति। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक गणेश जी की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं। यह व्रत मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति प्रदान करता है।

यह व्रत विशेष रूप से सहायक माना जाता है - 

  • जीवन की बाधाओं को दूर करने में।

  • कार्यों में सफलता पाने के लिए।

  • मानसिक शांति और धैर्य हेतु।

  • नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए।

भगवान गणेश और संकष्टी चतुर्थी का संबंध

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। वे सभी बाधाओं का नाश कर भक्तों को सही मार्ग प्रदान करते हैं। संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश उपासना करने से जीवन में आने वाले विघ्न दूर होते हैं और शुभता का संचार होता है।

हर महीने की संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश का एक विशेष स्वरूप पूजनीय होता है।

साल के 12 महीनों के अनुसार गणेश चतुर्थी के स्वरूप

  • चैत्र मास - विनायक चतुर्थी

विघ्नों के नाश और नए कार्यों की शुभ शुरुआत के लिए।

  • वैशाख मास - विक्रट चतुर्थी

साहस, आत्मबल और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा हेतु।

  • ज्येष्ठ मास - एकदंत चतुर्थी

एकाग्रता, त्याग और ज्ञान की प्राप्ति के लिए।

  • आषाढ़ मास - गजानन चतुर्थी

यश, कीर्ति और सामाजिक सम्मान के लिए।

  • श्रावण मास - हेरम्ब चतुर्थी

संकटों से रक्षा और पारिवारिक सुरक्षा हेतु।

  • भाद्रपद मास - विघ्नराज चतुर्थी (गणेश चतुर्थी)

सर्वाधिक पूज्य, सभी विघ्नों के नाश हेतु।

  • आश्विन मास - वक्रतुण्ड चतुर्थी

रोग, भय और मानसिक अशांति से मुक्ति के लिए।

  • कार्तिक मास - कुबेर चतुर्थी

धन, ऐश्वर्य और आर्थिक स्थिरता हेतु।

  • मार्गशीर्ष (अग्रहायण) मास - लंबोदर चतुर्थी

कर्ज मुक्ति, शांति और संतुलित जीवन के लिए।

  • पौष मास - द्वैमातुर चतुर्थी

मातृ-पितृ कृपा और पारिवारिक सौहार्द हेतु।

  • माघ मास - तिलकुटा चतुर्थी

पुण्य, तप और आध्यात्मिक उन्नति के लिए।

  • फाल्गुन मास - धूम्रवर्ण चतुर्थी

पाप नाश, ग्रह दोष शांति और आत्मशुद्धि हेतु।

संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लें।

  • दिनभर उपवास रखें, फलाहार भी स्वीकार्य है।

  • भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करें।

  • दूर्वा, मोदक, पुष्प और धूप अर्पित करें।

  • गणेश मंत्र और संकष्टी कथा का पाठ करें।

  • चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करें।

चंद्र दर्शन का महत्व

संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन के बिना पूर्ण नहीं माना जाता। चंद्रमा के दर्शन के बाद गणेश जी की आरती कर व्रत खोला जाता है।

संकष्टी चतुर्थी के लाभ

  • सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति।

  • जीवन में स्थिरता और सफलता।

  • मानसिक तनाव में कमी।

  • ग्रह दोषों की शांति।

  • आध्यात्मिक उन्नति।

ग्रह शांति में संकष्टी चतुर्थी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्र और मंगल ग्रह से संबंधित दोषों को शांत करने में सहायक होता है। यह व्रत मन की चंचलता और क्रोध को नियंत्रित करने में भी उपयोगी माना गया है।

निष्कर्ष

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ साधन है। यह व्रत जीवन की बाधाओं को दूर कर भक्त को सुख, शांति और सफलता प्रदान करता है। श्रद्धा, विश्वास और नियम के साथ किया गया संकष्टी व्रत जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर, आज ही भाग ले श्री गणेश जी की पवित्र पूजा में और अपने घर लाए विद्या, बुद्धि , सुख और समृद्धि का वरदान। पूजा लिंक देखें -

https://mahakal.com/epooja/rin-mukti-ganesh-stotra-paath
https://mahakal.com/epooja/chintamani-vighnaharta-puja
https://mahakal.com/epooja/wednesday-ganesh-obstacle-removal-special
https://mahakal.com/chadhava/details/special-offerings-to-lord-ganesha
https://mahakal.com/offline/pooja/detail/chintamani-vighnaharta-puja

सनातन धर्म का दिव्य अनुभव अपनी जगह पर करें, आज ही Mahakal.com ऐप डाउनलोड करें।

https://play.google.com/store/apps/details?id=manal.mahakal.com&hl=en_IN

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow