विवरण:
हमारा अन्नक्षेत्र हजारों भूखे पेटों का सहारा है। आपके दान से हम जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा सकते हैं।"अन्न दानं समं दानं न भूतो न भविष्यति। देवर्षि-पितृ-भूतानां तृप्तिरान्ने जयते"। अर्थात अन्नक्षेत्र जैसा दान न तो पहले कभी हुआ है, न अब है और न ही भविष्य में होगा। क्योंकि देवी-देवता, पितर आदि सभी अन्न से ही तृप्त होते हैं। पूज्य महाराज जी ने श्रीधाम वृंदावन में घूम-घूमकर भक्ति करने वाले साधु-संतों और जरूरतमंदों की सेवा देखकर जीवन भर प्रतिदिन अन्नक्षेत्र की सेवा करने का संकल्प लिया है।