अंगारक चतुर्थी 2026 : तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और मंगल दोष निवारण के अचूक उपाय परिचय

जानिए अंगारक चतुर्थी 2026 की तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और मंगल दोष निवारण के प्रभावी उपाय। इस विशेष संकष्टी चतुर्थी का महत्व और लाभ विस्तार से समझें। सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करें और महाकाल.com के माध्यम से ऑनलाइन पूजा कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि पाएं।

अंगारक चतुर्थी 2026 : तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और मंगल दोष निवारण के अचूक उपाय  परिचय

अंगारक चतुर्थी 2026 : तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और मंगल दोष निवारण के अचूक उपाय

परिचय

अंगारक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली दिन है। जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है, तब उसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है। यह दिन विशेष रूप से मंगल दोष निवारण, विघ्नों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

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अंगारक चतुर्थी 2026 तिथि और मुहूर्त

  • तिथि : 05 मई 2026
  • दिन : मंगलवार
  • चंद्र दर्शन समय : रात 10:21 बजे
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष संकष्टी चतुर्थी

इस दिन भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं।

अंगारक चतुर्थी का महत्व

  • मंगल दोष और ग्रह बाधाओं को दूर करने में सहायक
  • भगवान गणेश की कृपा से सफलता और बुद्धि की प्राप्ति
  • आर्थिक समस्याओं और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति
  • जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा
  • सामान्य संकष्टी चतुर्थी से अधिक प्रभावशाली

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • व्रत और पूजा का संकल्प लें
  • भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
  • दूर्वा, मोदक, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करें
  • दीपक और अगरबत्ती जलाएं
  • “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें
  • संकष्टी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें
  • आरती करें और मनोकामना प्रार्थना करें
  • रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलें

मंगल दोष निवारण के उपाय

  • भगवान गणेश को लाल फूल और लड्डू अर्पित करें
  • 108 बार गणेश मंत्र का जाप करें
  • लाल वस्त्र, मसूर दाल और गुड़ का दान करें
  • गणेश मंदिर में दर्शन करें
  • श्रद्धा और नियम से व्रत रखें
  • गाय या जरूरतमंदों को भोजन कराएं

व्रत नियम

  • निर्जला या फलाहार व्रत रखें
  • तामसिक भोजन से दूर रहें
  • मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखें
  • चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलें

अंगारक चतुर्थी व्रत के लाभ

  • विघ्नों का नाश और सफलता की प्राप्ति
  • मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव में कमी
  • विवाह और संबंधों में सुधार
  • मानसिक शांति और संतुलन
  • मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक उन्नति

निष्कर्ष

अंगारक चतुर्थी 2026 भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का एक दुर्लभ अवसर है। इस दिन व्रत, पूजा और उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, मंगल दोष शांत होता है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

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