मंगल दोष निवारण पूजा
मंगल दोष निवारण पूजा एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है, जिसका मुख्य उद्देश्य कुंडली में स्थित अशुभ या पीड़ित मंगल ग्रह के दुष्प्रभावों को शांत करना और उसके शुभ फल को बढ़ाना है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस, अनुशासन, जीवनशक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। लेकिन जब मंगल कुंडली में अशुभ स्थिति में होता है, तब यह जीवन में विवाह में देरी, दांपत्य कलह, क्रोध, दुर्घटनाएँ, अचानक हानि, मानसिक असंतुलन और आर्थिक समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। यह पूजा मंगल की तीव्र और अग्निमय ऊर्जा को संतुलित करती है, जीवन में शांति, स्थिरता और सामंजस्य लाती है तथा व्यक्ति के समग्र जीवन पर मंगल दोष के प्रभाव को कम करती है।
यह पवित्र पूजा Mahakal.com द्वारा पूर्णतः आयोजित और संपन्न की जाती है, जहाँ हर अनुष्ठान केवल अनुभवी और योग्य वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है। पूजा के दौरान हमारे पंडित आपके नाम और गोत्र का उच्चारण करते हुए आपका विशेष संकल्प (Sankalp) लेते हैं। आपको पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग का नोटिफिकेशन प्राप्त होगा तथा पूजन पूर्ण होने के बाद रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी भेजा जाएगा। पूजा के साथ आपको विस्तृत विवरण तथा आपके नाम सहित एक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। पूजा समाप्त होने के बाद महाकाल.com टीम द्वारा प्रसाद को विधिवत पैक करके आपके पते पर भेजा जाता है, जिससे आपको एक संपूर्ण, विश्वसनीय और दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।
मंगल दोष निवारण पूजा का उद्देश्य
- अशुभ मंगल को शांत करना यह पूजा कुंडली में अशुभ मंगल के दुष्प्रभाव—जैसे विवाह में देरी, भावनात्मक असंतुलन, संबंधों में कलह—को कम करने के लिए की जाती है।
- जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और संतुलन प्राप्त करना मंगल दोष से उत्पन्न तनाव, अनावश्यक विवाद, दुर्घटनाएँ, संपत्ति से जुड़े मुद्दे और अस्थिरता में कमी आती है।
- विवाह एवं दांपत्य जीवन में सौहार्द लाना मंगल दोष के कारण आने वाले अवरोध, मेल न बैठना, या बार-बार संबंधों में समस्या आने की स्थिति को यह पूजा शांत करती है।
- क्रोध, आवेग और मानसिक उग्रता को नियंत्रित करना मंगल मन की आग का प्रतीक है—इसे शांत करने से धैर्य, स्पष्टता और भावनात्मक शक्ति में वृद्धि होती है।
मंगल दोष निवारण पूजा के प्रभाव
- मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है यह पूजा मंगल की ऊर्जा को संतुलित करती है और कुंडली पर उसके हानिकारक परिणामों को कम करती है।
- विवाह और संबंधों में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं मंगल दोष से उत्पन्न देरी, कलह, मनमुटाव और टूटन जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
- आर्थिक स्थिरता और निर्णय क्षमता में सुधार आवेग में लिए गए गलत निर्णयों से बचाव होता है, आर्थिक अनुशासन बढ़ता है और धन हानि कम होती है।
- घर-परिवार में शांति और सामंजस्य बढ़ता है क्रोध, टकराव और भावनात्मक तनाव में कमी आती है, जिससे घर का वातावरण अधिक सकारात्मक बनता है।
- स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार मंगल रक्त, शक्ति और शारीरिक ऊर्जा का कारक है—यह पूजा स्वास्थ्य, स्फूर्ति और जीवनशक्ति में वृद्धि करती है।
मंगल दोष निवारण पूजा का उद्देश्य
- अशुभ मंगल को शांत करना यह पूजा कुंडली में अशुभ मंगल के दुष्प्रभाव—जैसे विवाह में देरी, भावनात्मक असंतुलन, संबंधों में कलह—को कम करने के लिए की जाती है।
- जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और संतुलन प्राप्त करना मंगल दोष से उत्पन्न तनाव, अनावश्यक विवाद, दुर्घटनाएँ, संपत्ति से जुड़े मुद्दे और अस्थिरता में कमी आती है।
- विवाह एवं दांपत्य जीवन में सौहार्द लाना मंगल दोष के कारण आने वाले अवरोध, मेल न बैठना, या बार-बार संबंधों में समस्या आने की स्थिति को यह पूजा शांत करती है।
- क्रोध, आवेग और मानसिक उग्रता को नियंत्रित करना मंगल मन की आग का प्रतीक है—इसे शांत करने से धैर्य, स्पष्टता और भावनात्मक शक्ति में वृद्धि होती है।
मंगल दोष निवारण पूजा के प्रभाव
- मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है यह पूजा मंगल की ऊर्जा को संतुलित करती है और कुंडली पर उसके हानिकारक परिणामों को कम करती है।
- विवाह और संबंधों में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं मंगल दोष से उत्पन्न देरी, कलह, मनमुटाव और टूटन जैसी समस्याएँ कम होती हैं।
- आर्थिक स्थिरता और निर्णय क्षमता में सुधार आवेग में लिए गए गलत निर्णयों से बचाव होता है, आर्थिक अनुशासन बढ़ता है और धन हानि कम होती है।
- घर-परिवार में शांति और सामंजस्य बढ़ता है क्रोध, टकराव और भावनात्मक तनाव में कमी आती है, जिससे घर का वातावरण अधिक सकारात्मक बनता है।
- स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार मंगल रक्त, शक्ति और शारीरिक ऊर्जा का कारक है—यह पूजा स्वास्थ्य, स्फूर्ति और जीवनशक्ति में वृद्धि करती है।
निष्कर्ष
मंगल दोष निवारण पूजा कुंडली में अशुभ मंगल के कारण उत्पन्न जीवन के विविध कष्टों और चुनौतियों को शांत करने का एक शक्तिशाली वैदिक उपाय है। मंगल की तीव्र ऊर्जा को संतुलित करके यह पूजा जीवन में स्थिरता, शांति, सौहार्द, आर्थिक मजबूती और मानसिक संतुलन लाती है। जब यह अनुष्ठान योग्य वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से किया जाता है, तब इसका प्रभाव और अधिक फलदायी होता है।
Mahakal.com द्वारा अत्यंत पारदर्शी, पारंपरिक और पूर्ण वैदिक विधि से की जाने वाली यह पूजा एक संपूर्ण और दिव्य अनुभव प्रदान करती है, जो व्यक्ति को मंगल दोष के प्रभावों से मुक्ति दिलाकर जीवन में स्पष्टता, संतुलन और सकारात्मकता की राह खोलती है।
मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश