मंगल दोष क्या है ? अर्थ, लक्षण, प्रभाव, कारण, उपाय और पूजा के लाभ

मंगल दोष (कुज दोष) विवाह में देरी, दांपत्य तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। इस लेख में मंगल दोष के लक्षण, प्रकार, प्रभाव और शास्त्रसम्मत वैदिक उपायों की सरल जानकारी प्राप्त करें।

मंगल दोष क्या है ? अर्थ, लक्षण, प्रभाव, कारण, उपाय और पूजा के लाभ

भूमिका

  • क्या विवाह में बार-बार देरी हो रही है?

  • क्या रिश्तों में अनावश्यक तनाव, क्रोध या टकराव बना रहता है?

  • क्या संबंध अच्छे शुरू होकर अचानक बिगड़ जाते हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन समस्याओं का एक प्रमुख कारण मंगल दोष हो सकता है, जिसे कुज दोष भी कहा जाता है। यह दोष मुख्य रूप से विवाह, संबंधों, मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुख को प्रभावित करता है। इस लेख में आप मंगल दोष का स्पष्ट, व्यावहारिक और शास्त्रसम्मत ज्ञान प्राप्त करेंगे।

मंगल दोष क्या होता है?

जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है, तब मंगल दोष बनता है। मंगल ऊर्जा, साहस, क्रोध और आवेग का प्रतीक है। इसकी अधिकता जीवन में असंतुलन उत्पन्न कर सकती है।

सरल शब्दों में, मंगल दोष अत्यधिक उग्र ऊर्जा के कारण वैवाहिक और भावनात्मक जीवन को प्रभावित करता है।

मंगल दोष कैसे बनता है ?

  • मंगल का संवेदनशील भावों में स्थित होना।

  • गुरु या शुक्र जैसे शुभ ग्रहों का कमजोर होना।

  • राहु, केतु या शनि का अशुभ प्रभाव।

  • मंगल की अशुभ दशा या गोचर।

हर कुंडली में मंगल होने से दोष नहीं बनता, संपूर्ण ग्रह स्थिति महत्वपूर्ण होती है।

मंगल दोष के प्रकार

  • हल्का मंगल दोष

  • आंशिक मंगल दोष

  • प्रबल मंगल दोष

प्रत्येक प्रकार का प्रभाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देता है।

मंगल दोष के लक्षण

  • विवाह में देरी या बार-बार बाधा।

  • दांपत्य जीवन में झगड़े।

  • क्रोध और अधीरता।

  • अचानक संबंध विच्छेद।

  • मानसिक अशांति।

मंगल दोष का जीवन पर प्रभाव

  • विवाह और रिश्तों पर प्रभाव तनाव, असहमति, अलगाव।
  • मानसिक स्थिति पर प्रभाव क्रोध, तनाव, भावनात्मक असंतुलन।
  • करियर और साझेदारी व्यावसायिक भागीदारी में मतभेद।

क्या मंगल दोष हमेशा हानिकारक होता है ?

नहीं। कई कुंडलियों में मंगल दोष स्वतः शांत या निष्क्रिय हो जाता है। शुभ ग्रह योग होने पर इसका प्रभाव कम हो जाता है।

मंगल दोष के प्रभावी उपाय

  • मंगल दोष शांति पूजा

  • महामृत्युंजय मंत्र जाप

  • हनुमान जी की उपासना

  • मंगलवार व्रत

  • दान और संयमित जीवन

इनमें मंगल दोष पूजा सबसे प्रभावी मानी जाती है।

मंगल दोष पूजा के लाभ

  • विवाह में आ रही बाधाओं का निवारण।

  • रिश्तों में सामंजस्य।

  • क्रोध और नकारात्मकता में कमी।

  • मानसिक शांति और स्थिरता।

मंगल दोष पूजा का श्रेष्ठ समय

  • मंगलवार

  • श्रावण मास

  • मंगल गोचर काल

  • कुंडली अनुसार शुभ मुहूर्त

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष कैसे पहचाना जाता है?
जन्म कुंडली के विस्तृत अध्ययन द्वारा।

क्या मंगल दोष समाप्त हो सकता है?
उचित योग और उपायों से इसका प्रभाव शांत किया जा सकता है।

क्या हर व्यक्ति को पूजा करानी चाहिए?
केवल तभी जब दोष सक्रिय हो और समस्या उत्पन्न कर रहा हो।

निष्कर्ष

मंगल दोष जीवन में तनाव ला सकता है, लेकिन सही मार्गदर्शन और वैदिक उपायों से इसके प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर किया गया समाधान जीवन में संतुलन और सुख लाता है।

मांगलिक दोष से जुड़ी समस्याओं के समाधान और वैवाहिक व व्यक्तिगत जीवन में स्थिरता लाने के लिए मंगल दोष पूजा के बारे में जानें।

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