नौ दिन – नौ ग्रह चढ़ावा
“नौ दिन – नौ ग्रह चढ़ावा” Mahakal.com द्वारा आयोजित एक सुव्यवस्थित नवग्रह शांति अभियान है, जिसमें प्रत्येक दिन एक ग्रह को समर्पित विशेष चढ़ावा, मंत्र जाप और संकल्प पूजन किया जाता है। सूर्य से केतु तक सभी ग्रहों को प्रसन्न कर जीवन में संतुलन और कृपा प्राप्त करने का यह दिव्य अवसर है।
आध्यात्मिक महत्व
वैदिक ज्योतिष के अनुसार:
- नौ ग्रह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।
- ग्रहों की पीड़ित या कमजोर स्थिति ग्रह दोष उत्पन्न करती है।
- ग्रह असंतुलन से विलंब, तनाव, आर्थिक और पारिवारिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
यह 9 दिवसीय अनुष्ठान ग्रह ऊर्जा संतुलन के लिए समर्पित है।
नौ दिन – नौ ग्रह संरचना
प्रत्येक दिन एक ग्रह को समर्पित:
- दिन 1 – सूर्य: आत्मविश्वास और नेतृत्व।
- दिन 2 – चंद्र: मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन।
- दिन 3 – मंगल: साहस और शक्ति।
- दिन 4 – बुध: बुद्धि और व्यापार वृद्धि।
- दिन 5 – गुरु: ज्ञान और आशीर्वाद।
- दिन 6 – शुक्र: धन और वैभव।
- दिन 7 – शनि: कर्म संतुलन और न्याय।
- दिन 8 – राहु: बाधा शमन और सुरक्षा।
- दिन 9 – केतु: आध्यात्मिक उन्नति और मुक्ति।
पूजन प्रक्रिया
- भक्त के नाम से व्यक्तिगत संकल्प।
- वैदिक मंत्रोच्चार।
- ग्रह अनुसार विशेष चढ़ावा अर्पण।
- नवग्रह सामूहिक आशीर्वाद प्रार्थना।
प्रमुख लाभ
- ग्रह दोष शांति।
- करियर और धन में स्थिरता।
- मानसिक शांति और आत्मबल वृद्धि।
- नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा।
- जीवन में समृद्धि और संतुलन।
निष्कर्ष
“नवग्रह कृपा – नौ दिन – नौ ग्रह चढ़ावा” एक शक्तिशाली आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य जीवन में ब्रह्मांडीय संतुलन स्थापित करना है। नौ दिनों तक नवग्रहों को समर्पित पूजन के माध्यम से भक्त दिव्य सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि की कामना करते हैं। यह अनुष्ठान जीवन की बाधाओं को दूर कर सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है।