कठिनाइयों और दुर्भाग्य मुक्ति और शक्ति के लिए शनि जयंती शनि हनुमान 21 ब्राह्मण अनुष्ठान 19,000 शनि मूल मंत्र जाप और 1008 संकट मोचन हनुमान अष्टक पाठ
🪐 शनि जयंती: आपके कर्म और भाग्य को बदलने का सबसे शुभ दिन ⚖️
बाधाओं को दूर करने, शनि के प्रकोप को शांत करने व दैवीय सुरक्षा कवच पाने के लिए भगवान शनि व भगवान हनुमान की शरण में आएं।
ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाने वाली शनि जयंती हिंदू धर्म में अत्यंत धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखती है। यह पावन तिथि भगवान शनि के जन्म का प्रतीक मानी जाती है। भगवान शनि, सूर्य देव और छाया (संवर्णा) के पुत्र हैं, जिन्हें न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शनि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं—यदि कर्म शुभ हों तो कृपा प्राप्त होती है, और यदि अशुभ हों तो व्यक्ति जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करता है। इसीलिए शनि को आत्मचिंतन, अनुशासन और न्याय का प्रतिनिधि ग्रह माना गया है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी शनि का प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। वे एक ओर जीवन में विकास की दिशा में प्रेरित करते हैं, तो दूसरी ओर व्यक्ति की परीक्षा भी लेते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि प्रतिकूल स्थिति में होते हैं, उनके जीवन में करियर में रुकावटें, पारिवारिक तनाव, मानसिक अस्थिरता और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में शनि जयंती का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है जो साढ़े साती, ढैय्या या कर्मिक असंतुलन के कारण कठिन समय से गुजर रहे होते हैं।
इस दिन शनि देव की विधिवत पूजा कर उनके अशुभ प्रभावों को शांत करने और जीवन में स्थिरता एवं समृद्धि लाने की कामना की जाती है। इसके अतिरिक्त, शनि जयंती पर भगवान हनुमान की पूजा करना अत्यधिक शुभ माना जाता है। त्रेता युग की एक किंवदंती के अनुसार, जब रावण ने शनि देव को अन्य ग्रह देवताओं के साथ कैद कर लिया था, तो भगवान हनुमान ने ही उन्हें मुक्त कराया था। कृतज्ञता से, शनि देव ने हनुमान को आशीर्वाद दिया, और वादा किया कि उनके भक्त शनि के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रहेंगे। यह दिव्य संबंध इस दिन भगवान शनि और भगवान हनुमान दोनों की पूजा करने के महत्व को पुष्ट करता है। शनि जयंती पर भगवान हनुमान की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि उनके आशीर्वाद से जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों को दूर करने के लिए साहस, शक्ति और मानसिक लचीलापन मिलता है।
इस पावन अवसर पर mahakal.com के तत्वावधान में उज्जैन स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर में एक विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है।
इस दिव्य अनुष्ठान में 21 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 19,000 शनि मूल मंत्रों का जाप और 1,008 संकट मोचन हनुमान अष्टक का सामूहिक पाठ किया जाएगा। यह अत्यंत शक्तिशाली पूजा शनि देव के अशुभ प्रभावों को शांत करने, जीवन में संतुलन स्थापित करने तथा सुख, समृद्धि और सुरक्षा को आमंत्रित करने का एक प्रभावी उपाय मानी जाती है।
आप भी mahakal.com के माध्यम से इस दिव्य अनुष्ठान का हिस्सा बनें और अपने जीवन में शांति, शक्ति और शुभता का अनुभव करें।