गंडमूल दोष निवारण पूजा
जन्म नक्षत्र के दुष्प्रभाव शांत करने का पावन अनुष्ठान
गंडमूल दोष क्या है ?
गंडमूल दोष तब बनता है जब किसी व्यक्ति का जन्म राशियों के संधिकाल में स्थित विशेष नक्षत्रों में होता है। ये नक्षत्र अत्यंत शक्तिशाली और संवेदनशील माने जाते हैं क्योंकि इनमें तीव्र कर्मिक ऊर्जा होती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, गंडमूल नक्षत्र में जन्म लेने पर जीवन के प्रारंभिक वर्षों में संघर्ष, पारिवारिक तनाव, मानसिक अस्थिरता या सफलता में बाधाएँ आ सकती हैं यदि उचित शांति न की जाए।
गंडमूल नक्षत्र हैं
- अश्विनी
- आश्लेषा
- मघा
- ज्येष्ठा
- मूल
- रेवती
ये नक्षत्र शक्तिशाली होते हैं, परंतु सही विधि से शांति आवश्यक होती है।
गंडमूल दोष निवारण पूजा का महत्व
गंडमूल दोष निवारण पूजा एक प्राचीन वैदिक उपाय है जो जन्म नक्षत्र से जुड़े ग्रह प्रभावों को शांत करता है। यह अनुष्ठान जीवन की बाधाओं को कम कर भाग्य को संतुलित करता है।
यह पूजा विशेष रूप से की जाती है
- गंडमूल नक्षत्र में जन्मे शिशु के लिए
- जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं के समय
- असफलता या अस्थिरता की स्थिति में
- शांति, सुरक्षा और भाग्य वृद्धि हेतु
पूजा के प्रमुख आध्यात्मिक लाभ
यह पूजा जीवन में सुरक्षा कवच बनाती है और नक्षत्र की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देती है।
- जन्म नक्षत्र के दुष्प्रभाव शांत होते हैं
- मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है
- परिवार की रक्षा और सुख बढ़ता है
- ग्रह संतुलन मजबूत होता है
- स्वास्थ्य और मनोबल में सुधार
- सफलता और प्रगति के मार्ग खुलते हैं
पूजा की विधि
यह पूजा अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा शास्त्र सम्मत विधि से की जाती है।
- नाम और जन्म विवरण से संकल्प भक्त के लिए विशेष संकल्प लिया जाता है
- नक्षत्र शांति मंत्र जन्म नक्षत्र को शांत करने हेतु विशेष मंत्र जाप
- हवन और पवित्र आहुति अग्नि अनुष्ठान से कर्म दोष शुद्धि
- आशीर्वाद आह्वान जीवन भर सुरक्षा हेतु दिव्य कृपा
Mahakal.com द्वारा पूजा क्यों करें ?
Mahakal.com पर पूजा शुद्धता, श्रद्धा और वैदिक नियमों से सम्पन्न होती है।
- योग्य और अनुभवी आचार्य
- पवित्र मंदिर वातावरण
- व्यक्तिगत संकल्प
- लाइव दर्शन और रिकॉर्डिंग
- घर पर प्रसाद प्राप्ति
निष्कर्ष
गं डमूल दोष कोई अभिशाप नहीं बल्कि एक शक्तिशाली कर्मिक संकेत है, जिसे सही पूजा द्वारा संतुलित किया जा सकता है। गंडमूल दोष निवारण पूजा जीवन को शांति, सुरक्षा और दिव्य आशीर्वाद से भर देती है। यह अनुष्ठान व्यक्ति को नए आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
शिव मंदिर, उज्जैन