गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा
गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा जन्म कुंडली में गुरु और राहु के अशुभ संयोग से उत्पन्न दोष को शांत करने के लिए किया जाने वाला एक प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान है। जब राहु गुरु ग्रह को प्रभावित करता है, तब व्यक्ति की निर्णय क्षमता, ज्ञान, आर्थिक स्थिरता और आध्यात्मिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
यह पूजा गुरु ग्रह को मजबूत करने और राहु के नकारात्मक प्रभाव को शांत करने के उद्देश्य से की जाती है।
Mahakal.com द्वारा यह पूजा उज्जैन में विद्वान और अनुभवी वैदिक पंडितों के माध्यम से पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न करवाई जाती है।
पूजा विधि
यह संपूर्ण अनुष्ठान वैदिक शास्त्रों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सम्पन्न किया जाता है।
1. संकल्प
- साधक का नाम, गोत्र और जन्म विवरण लिया जाता है।
- गुरु चांडाल दोष निवारण का संकल्प किया जाता है।
2. गणेश पूजन
- विघ्न विनाश हेतु भगवान गणेश का पूजन।
3. कलश स्थापना
- पवित्र कलश स्थापित कर देव शक्तियों का आह्वान।
4. गुरु ग्रह शांति जाप
- गुरु के वैदिक मंत्रों का उच्चारण।
- ज्ञान और समृद्धि की कृपा प्राप्ति हेतु प्रार्थना।
5. राहु ग्रह शांति जाप
- राहु मंत्रों का जाप।
- नकारात्मक प्रभाव को शांत करने की प्रार्थना।
6. नवग्रह मंत्रोच्चार
- सभी नौ ग्रहों के मंत्रों का जाप।
- ग्रह संतुलन की स्थापना।
7. वैदिक हवन
- विशेष सामग्री के साथ अग्नि में आहुति।
- पूर्णाहुति द्वारा पूजा सम्पन्न।
8. आशीर्वाद
- शांति और समृद्धि की कामना।
- साधक के लिए मंगलकामना।
Mahakal.com द्वारा आयोजित
- विद्वान वैदिक पंडितों द्वारा सम्पन्न
- उज्जैन की पवित्र भूमि में आयोजन
- शास्त्रसम्मत सामग्री और विधि
- पूर्ण पारदर्शिता
- ऑनलाइन सहभागिता सुविधा उपलब्ध
Mahakal.com यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा पूर्ण श्रद्धा, शुद्धता और विधि-विधान से सम्पन्न हो।
निष्कर्ष
गुरु चांडाल दोष जीवन में अस्थिरता और भ्रम उत्पन्न कर सकता है। शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न यह पूजा गुरु की कृपा और राहु की शांति प्रदान करती है। Mahakal.com द्वारा आयोजित यह अनुष्ठान उज्जैन की पवित्र ऊर्जा में सम्पन्न होकर साधक के जीवन में स्थिरता, स्पष्टता और आध्यात्मिक उन्नति लाता है।
विष्णु सागर रामेश्वर मंदिर, उज्जैन (म.प्र.)