पूजा के बारे में
महालक्ष्मी विशेष कृपा जाप पूजा देवी महालक्ष्मी को समर्पित एक अत्यंत पवित्र वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजा देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने, धन-समृद्धि बढ़ाने और जीवन में सुख-शांति स्थापित करने हेतु की जाती है।
इस पूजा में निम्न दो शक्तिशाली मंत्रों का जाप किया जाता है —
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्म्यै नमः”
और
“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः”।
इन मंत्रों के जाप से देवी लक्ष्मी की दिव्य ऊर्जा जागृत होती है और जीवन से दरिद्रता, कष्ट और आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं।
आध्यात्मिक महत्व
देवी महालक्ष्मी को ऐश्वर्य, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया यह जाप न केवल आर्थिक उन्नति देता है बल्कि मन की शांति, घर में सुख-समृद्धि और आत्मिक उन्नति भी प्रदान करता है।
यह पूजा घर के वातावरण को पवित्र बनाकर देवी लक्ष्मी की स्थायी कृपा स्थापित करती है।
पूजा की प्रक्रिया
इस अनुष्ठान में 5 विद्वान पंडित वैदिक विधि से मंत्र जाप करते हैं। चुनी हुई संख्यानुसार जाप के बाद हवन (अग्नि अनुष्ठान) किया जाता है जिससे देवी की कृपा और ऊर्जा चारों दिशाओं में फैलती है।
हर स्तर का जाप व्यक्ति की श्रद्धा और संकल्प के अनुसार देवी की कृपा को बढ़ाता है।
विशेष जानकारी
- यह पूजा बिना मंडल पूजन की जाती है।
- इसे विशेष रूप से शुक्रवार, दीपावली, अक्षय तृतीया, या शरद पूर्णिमा पर करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- भक्त इसे ऑनलाइन संकल्प पूजा के रूप में भी करवा सकते हैं।
निष्कर्ष
महालक्ष्मी विशेष कृपा जाप पूजा देवी लक्ष्मी की आराधना का सर्वोत्तम माध्यम है। यह अनुष्ठान जीवन में धन, सौभाग्य और मानसिक शांति का संचार करता है। जो भी भक्त इस पूजा में भाग लेता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि, सफलता और देवी लक्ष्मी की स्थायी कृपा सदा बनी रहती है।
श्री लक्ष्मी माता मंदिर, उज्जैन