गुरु शिष्य मिलन महोत्सव
गुरु शिष्य मिलन महोत्सव में आपका स्वागत है—एक दुर्लभ और अत्यंत आध्यात्मिक अनुभव, जो गुरु और शिष्य के शाश्वत एवं दिव्य संबंध का उत्सव है। सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं पर आधारित यह महोत्सव साधकों को भक्ति, अनुशासन और समर्पण के माध्यम से आध्यात्मिक सत्य के और निकट आने का अनमोल अवसर प्रदान करता है।
यह पावन आयोजन श्री क्षेत्र दत्त धाम में 1 मई से 3 मई 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें पूज्य कथावाचक Indresh Ji Upadhyay का दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त होगा। प्रतिदिन का कार्यक्रम प्रातःकाल से आरंभ होकर एक सुव्यवस्थित आध्यात्मिक क्रम में संचालित होगा—प्रातः 5:15 से 6:30 बजे तक दीक्षा, 6:30 से 7:30 बजे तक उपदेश (केवल दीक्षित शिष्यों के लिए), 7:30 से 8:30 बजे तक मिलन उत्सव, 9:00 बजे श्री गिरधर लाल जी दर्शन मनोरथ, 11:00 बजे श्री गोदावरी स्नान, 12:30 बजे राजभोग प्रसाद, और अंत में दोपहर 3:30 बजे कथा का आयोजन होगा। स्थल का पूरा पता है: श्री क्षेत्र दत्त धाम, नाशिक, महाराष्ट्र, भारत।
यह महोत्सव देशभर से आए श्रद्धालुओं को दीक्षा, उपदेश, मिलन उत्सव, दर्शन, स्नान और कथा जैसे दिव्य आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। प्रत्येक अनुष्ठान मन को शुद्ध करने, चेतना को ऊँचा उठाने और गुरु-शिष्य के संबंध को और सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष रूप से रचा गया है।
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण दीक्षा (आध्यात्मिक आरंभ) है, जिसके माध्यम से शिष्य गुरु के मार्गदर्शन में अपने आध्यात्मिक जीवन की औपचारिक शुरुआत करता है। उपदेश सत्रों में दीक्षित शिष्यों को साधना, आत्मबोध और अनुशासित जीवन के गहन रहस्य समझाए जाते हैं। मिलन उत्सव भक्ति से भरे हृदयों के दिव्य संगम का प्रतीक है, वहीं दर्शन और मनोरथ भक्तों को ईश्वर से जुड़ने का अद्भुत अवसर प्रदान करते हैं।
इस आयोजन में पवित्र गोदावरी स्नान भी शामिल है, जिसे आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है, तथा राजभोग प्रसाद के माध्यम से भक्त दिव्य कृपा का अनुभव करते हैं। दिन का समापन प्रेरणादायक कथा के साथ होता है, जिसमें आध्यात्मिक ज्ञान को सरल और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे श्रद्धालु प्रेरित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होते हैं।
