माघ मेला प्रयागराज 2026
माघ मेला प्रयागराज (इलाहाबाद) भारत के सबसे पवित्र हिंदू आयोजनों में से एक है, जो हर वर्ष गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम तट पर मनाया जाता है।
आध्यात्मिक महत्व
1. पवित्र स्नान (स्नान पर्व):
माघ माह (जनवरी–फरवरी) में संगम पर स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
2. कल्पवास परंपरा :
हज़ारों कल्पवासी पूरे महीने संगम तट पर डेरा डालकर भजन, ध्यान, व्रत, दान और साधना में लीन रहते हैं।
3. ज्योतिषीय महत्त्व :
यह मेला तब लगता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है (मकर संक्रांति), जिससे गंगा जल की आध्यात्मिक शक्ति और बढ़ जाती है।
4. प्राचीन विरासत :
पुराणों से लेकर महाभारत तक में वर्णित यह मेला हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है, और कुंभ मेले से भी पुराना माना जाता है।
5. मिनी कुंभ :
इसे ‘मिनी कुंभ’ भी कहा जाता है क्योंकि यह हर वर्ष मनाया जाता है, जबकि अर्ध कुंभ हर 6 वर्ष और महाकुंभ हर 12 वर्ष में होता है।
