श्री राम कथा (975)
मोरारी बापू की राम कथा विश्वभर में सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश फैलाने के लिए प्रसिद्ध है, जो भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों पर आधारित होती है। 975वीं राम कथा, जो 4 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगी, एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पड़ाव है, जो इस आयोजन को भक्तों के लिए और भी विशेष बनाता है। कथा का शुभारंभ 4 अप्रैल को शाम 4:00 बजे होगा तथा 5 अप्रैल से 12 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा।
यह पावन कथा विष्णुप्रयाग, गोविंद घाट क्षेत्र, गुरुद्वारा साहिब के पास, जिला चमोली, उत्तराखंड – 246443 में आयोजित होगी, जहाँ पवित्र नदियों का संगम होता है। यह दिव्य स्थान साधकों को एक गहन आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है, जहाँ भक्तगण भजन, प्रवचन और शांतिपूर्ण माहौल के माध्यम से आत्मिक शांति और आंतरिक परिवर्तन का अनुभव करेंगे।
मोरारी बापू अपनी सरल, भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी कथा शैली के लिए जाने जाते हैं। वे रामायण को इस प्रकार प्रस्तुत करते हैं कि वह आज के जीवन से भी जुड़ सके। उनकी कथा में गहरी आध्यात्मिक बातें, जीवन से जुड़े उदाहरण, हास्य, कविताएं और मधुर भजन शामिल होते हैं, जिससे हर आयु वर्ग के लोग आसानी से जुड़ पाते हैं। उनकी वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करती है और उन्हें भक्ति, शांति और सकारात्मकता की ओर प्रेरित करती है।
