श्री राम कथा (977)
977वीं रामकथा एक दिव्य आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें पूज्य मोरारी बापू जी अपनी सरल, मधुर और हृदयस्पर्शी वाणी के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और उपदेशों का वर्णन करेंगे। यह कथा 2 मई 2026 को सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक प्रारंभ होगी, जिसके बाद 3 मई से 10 मई 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कथा आयोजित की जाएगी। यह पावन आयोजन श्री शुकदेव आश्रम, शुक्रताल, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, भारत में संपन्न होगा। मोरारी बापू की कथा की विशेषता यह है कि वे रामकथा को केवल एक धार्मिक प्रवचन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनकी वाणी में प्रेम, करुणा और गहरी आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम होता है, जो श्रोताओं के हृदय को स्पर्श कर उन्हें भक्ति, शांति और आत्मबोध की ओर प्रेरित करता है। यह आयोजन जीवन में सकारात्मकता, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने का एक अद्वितीय अवसर है।
भगवान श्रीराम सत्य, धर्म, करुणा और मर्यादा के प्रतीक हैं। रामकथा इन दिव्य आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है और व्यक्ति को एक संतुलित, नैतिक और सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती है। इस दिव्य कथा के माध्यम से श्रद्धालु केवल श्रीराम की कथा ही नहीं सुनते, बल्कि आध्यात्मिकता से जुड़कर आत्मिक परिवर्तन का अनुभव भी करते हैं।
