श्रीमद्भागवत कथा - पूज्य श्री इन्द्रेश जी उपाध्याय जी
श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अमृतमय उत्सव है। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और महान भक्तों के प्रेरणादायक चरित्रों के माध्यम से यह कथा मानव जीवन को धर्म, सदाचार और ईश्वर प्रेम की ओर अग्रसर करती है तथा जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराती है।
महाकाल.कॉम के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रण है कि वे पूज्य श्री इन्द्रेश जी उपाध्याय के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली इस दिव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में सहभागी बनें। अपनी मधुर वाणी, गहन आध्यात्मिक चिंतन और भावपूर्ण कथावाचन शैली के माध्यम से पूज्य महाराज श्रीकृष्ण भक्ति के अमृत का रसपान कराते हैं तथा सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करते हैं।
सात दिवसीय इस भव्य कथा महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य, बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला, भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा, ध्रुव की तपस्या, अजामिल उद्धार, गजेन्द्र मोक्ष तथा भगवान की भक्तवत्सलता से जुड़े अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। ये दिव्य कथाएँ श्रद्धालुओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, विश्वास और आध्यात्मिक जागृति का संचार करती हैं।
श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मन को शांति, बुद्धि को पवित्रता और हृदय को ईश्वर भक्ति से परिपूर्ण करता है। कलियुग में श्रीमद्भागवत महापुराण को भगवान की कृपा प्राप्त करने का सरल और श्रेष्ठ साधन माना गया है। यह आयोजन केवल एक कथा नहीं, बल्कि परिवार सहित संस्कार, सत्संग और आध्यात्मिक आनंद से जुड़ने का अनुपम अवसर है।
आइए, 20 जून से 26 जून 2026 तक सनशाइन फील्ड, कटक, ओडिशा में आयोजित इस दिव्य कथा महोत्सव का हिस्सा बनें। प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक पूज्य श्री इन्द्रेश जी उपाध्याय के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान करें और अपने जीवन को श्री राधा-कृष्ण भक्ति के रंग में रंग लें।
राधे राधे! भगवान श्री राधा-कृष्ण की कृपा आप सभी पर बनी रहे।
