विवरण
सावन का पवित्र महीना आ चुका है और उज्जैन की अवंतिका नगरी 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान है। देश के कोने-कोने से लाखों कांवड़िए सैकड़ों किलोमीटर नंगे पैर पैदल चलकर, अपार कष्ट सहते हुए बाबा महाकाल का जलाभिषेक करने उज्जैन पहुँच रहे हैं।
उज्जैन के मार्गों और शहर के प्रवेश द्वारों पर इन कांवड़ियों के लिए विशेष शिविर लगाए जाते हैं। इन शिविरों में दान देने से निम्नलिखित व्यवस्थाओं में योगदान होता है।
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भोजन और फलाहार: कांवड़ियों के लिए सात्विक फलाहार और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा: घंटों पैदल चलने से पैरों में पड़े छालों, थकान और चोटों के लिए दवाइयां, सेवा।
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विश्राम और आश्रय: महाकाल दर्शन से पहले और बाद में विश्राम के लिए गद्दे, टेंट और सुरक्षित स्थान।
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शिप्रा तट एवं मार्ग व्यवस्था: पानी और स्वच्छता सुविधाएं।
आइए, इस पावन अवसर पर Mahakal.com सेवा से जुड़ें, शिवभक्तों की सेवा में अपना योगदान दें और बाबा महाकाल का असीम आशीर्वाद प्राप्त करें।