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सिद्धवट पर दूध अर्पित करके पूर्वजों के लिए वैकुंठ धाम और मोक्ष की प्राप्ति
सिद्धवट दूध अर्पण

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र बरगद के पेड़ को देवी पार्वती ने स्वयं अपने हाथों से लगाया था। यहाँ दूध चढ़ाने से वह सीधे पूर्वजों तक पहुँचता है, जिससे उन्हें वैकुंठ धाम और परम मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सिद्धवट, शिप्रा नदी तट, उज्जैन (मध्य प्रदेश)

15, अक्टूबर , गुरुवार

5.0/5 (1K+ ratings)

अब तक10000 +भक्तोंने mahakal.com द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।

सिद्धवट दूध अर्पण

उज्जैन स्थित पावन सिद्धवट को देश के प्रमुख अक्षय वटों में गिना जाता है। पुराणों के अनुसार, इसका रोपण माता पार्वती ने स्वयं अपने हाथों से किया था। यहाँ पितृ दोष निवारण, पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि सिद्धवट पर अर्पित किया जाने वाला दूध सीधे पितरों तक पहुँचता है, जिससे उनकी आत्मा को तृप्ति मिलती है और उन्हें बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

आध्यात्मिक महत्

माता पार्वती का आशीर्वाद: यह वटवृक्ष माता पार्वती द्वारा लगाया गया है, इसलिए इसकी पूजा करने से आदि शक्ति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

पितृ ऋण से मुक्ति: हिंदू धर्म में पितृ तर्पण और पिंडदान के लिए सिद्धवट को गया और त्र्यंबकेश्वर के समान अत्यंत पवित्र माना गया है। यहाँ दूध चढ़ाने से पितृ दोष शांत होता है।

मोक्ष का मार्ग: पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस स्थान पर किए गए धार्मिक अनुष्ठानों से पूर्वजों की भटकती आत्माओं को शांति मिलती है और वे बैकुंठ धाम को प्राप्त होते हैं।

चढ़ावे के लाभ 

वंश वृद्धि और सुख-शांति: पितरों की कृपा से परिवार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि एवं वंश की वृद्धि होती है।

मानसिक शांति: पितृ दोष और पूर्वजों की अतृप्ति के कारण जीवन में आने वाले मानसिक तनाव व बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

अक्षय पुण्य: इस पावन स्थल पर दूध अर्पण करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

 

Mahakal.com पर यह पावन चढ़ावा व्यक्तिगत संकल्प और पारंपरिक विधि से अर्पित किया जाता है।

 

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Frequently asked questions

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उ: चढावा सेवा उपयोगकर्ताओं को हमारे मंच पर सूचीबद्ध मंदिरों में देवताओं को उनके चुने हुए प्रसाद (जैसे फूल, प्रसाद, मिठाई आदि) चढ़ाने की अनुमति देती है। हमारे समर्पित पंडित आपकी ओर से तर्पण करेंगे, और प्रक्रिया का एक वीडियो आपके साथ साझा किया जाएगा।
उत्तर: बस हमारी सूची से अपना पसंदीदा मंदिर चुनें, जो चढ़ावा आप चढ़ाना चाहते हैं उसे चुनें, अपना विवरण प्रदान करें और भुगतान करें। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी पेशकश की गई है और आपको एक पुष्टिकरण वीडियो भेजेंगे।
उत्तर: हमने देश भर के कई प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी की है, जिनमें उज्जैन, वाराणसी, हरिद्वार और अन्य मंदिर शामिल हैं। मंदिरों की पूरी सूची हमारी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध है।
उ: प्रसाद में फूल, मिठाई, प्रसाद, दीया, नारियल, मालाएं और बहुत कुछ शामिल हैं। उपलब्ध प्रसाद मंदिर की परंपराओं और हमारी भागीदारी के आधार पर भिन्न होता है।
उत्तर: एक बार जब आपका चढ़ावा हमारे पंडित द्वारा किया जाएगा, तो हम पेशकश का एक वीडियो व्हाट्सएप, ईमेल और आपके पंजीकृत खाते के माध्यम से हमारे मंच पर साझा करेंगे।
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