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पितृ पक्ष श्राद्ध पूजन
पितृ दोष शांति पूजा शिप्रा घाट उज्जैन
शिप्रा तट पर पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सिद्धवट उज्जैन
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अब तक10000 +भक्तोंने महाकाल.कॉम की पूजा सेवा के माध्यम से आयोजित पूजा में सहभागी बन चुके हैं।

क्षिप्रा मोक्ष पिंड दान तर्पण पूजा 

शिप्रा तट पिंडदान और तर्पण पूजा उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी के घाटों पर किया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजा पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए समर्पित होती है। श्राद्ध पक्ष, अमावस्या या विशेष तिथियों पर यह अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

पूजा का महत्व

  • पितरों को मोक्ष और शांति की प्राप्ति होती है।
  • पितृ दोष और पूर्वजों के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
  • परिवार को मिलता है धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद।

पूजा की मुख्य विधि

  • संकल्प – श्रद्धालु संकल्प लेकर पूजा प्रारंभ करता है।
  • पिंडदान – चावल, जौ और तिल से बने पिंड पितरों को अर्पित किए जाते हैं।
  • तर्पण – तिल मिश्रित जल से पितरों को तृप्त किया जाता है।
  • हवन एवं मंत्रोच्चार – वैदिक मंत्रों से शुद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
  • आशीर्वाद और समापन – पूजा के अंत में परिवार को पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

शिप्रा तट पर विशेषता

  • शिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र माना गया है।
  • यहाँ किया गया पिंडदान और तर्पण दस गुना पुण्यफल प्रदान करता है।
  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के निकट होने से इसका आध्यात्मिक प्रभाव और भी प्रबल हो जाता है।

पूजा के लाभ

  • पितरों की शांति दिवं गत आत्माओं को संतोष और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • पितृ दोष का निवारण जीवन में आने वाली बाधाएँ और शाप दूर होते हैं।
  • परिवार में सुख-समृद्धि परिवार में एकता, खुशी और संतुलन आता है।
  • धन एवं उन्नति घर में लक्ष्मी कृपा से समृद्धि और सफलता आती है।
  • स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अच्छे स्वास्थ्य और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति पुण्य की वृद्धि होती है और ईश्वर से जुड़ाव गहरा होता है।

बुकिंग प्रक्रिया

1. पूजा पैकेज चुनें

अपना पसंदीदा पैकेज चुनें: व्यक्तिगत, साथी, पारिवारिक, या संयुक्त परिवार पूजा- जो आपकी आध्यात्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

2. वैकल्पिक पेशकश और समीक्षा विवरण जोड़ें

आध्यात्मिक आशीर्वाद अर्जित करने के लिए गौ सेवा, वस्त्र दान, या भोजन दान, पेड़ लगाना और बहुत कुछ जैसे प्रसाद शामिल करके अपने अनुभव को बढ़ाएं।

अपने चयनित पूजा के लिए भुगतान विवरण की समीक्षा करें, जिसमें पैकेज और आपके द्वारा जोड़ा गया कोई भी अतिरिक्त प्रसाद शामिल है।

3. भुगतान करें

क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट सहित ऑनलाइन भुगतान विकल्पों को सुरक्षित करने के लिए आगे बढ़ें। अपने भुगतान को अंतिम रूप देने से पहले सभी विवरणों की समीक्षा करें।

4. मंगलाचरण के लिए विवरण दर्ज करें

फॉर्म में अपना नाम और गोत्र भरें, और पूजा में भाग लेने वाले परिवार के सदस्यों के नाम और गोत्र जोड़ें।

 

मंदिर के बारे में

उज्जैन में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर स्थित सिद्धवट (Siddhavat) सनातन धर्म के सबसे प्राचीन, रहस्यमयी और पवित्र वटवृक्षों में से एक है। यह स्थान भारत के प्रमुख मुक्ति स्थलों में गिना जाता है। सदियों पुराना यह वटवृक्ष आज भी हरा-भरा है और इसके नीचे निरंतर धार्मिक अनुष्ठान, तर्पण तथा पिंडदान का क्रम चलता रहता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहाँ अपने पूर्वजों की शांति और मोक्ष के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

2. पौराणिक महत्व  :

  • दिव्य उत्पत्ति: पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, इस पवित्र वटवृक्ष को माता पार्वती ने लगाया था। यहाँ भगवान शिव को 'सिद्धनाथ' के रूप में पूजा जाता है।

  • प्रमुख तीर्थों में स्थान: इसे गया के 'अक्षयवट' और प्रयागराज के 'वटवृक्ष' के समकक्ष अत्यंत पवित्र माना गया है।

  • स्कंद पुराण का उल्लेख: स्कंद पुराण में इस स्थान को 'प्रेत शिला तीर्थ' कहा गया है। मान्यताओं के अनुसार, सतयुग से लेकर कलयुग तक इसका महत्व बना हुआ है। त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता ने भी यहाँ आकर राजा दशरथ का पिंडदान किया था, और कई महान ऋषियों ने यहाँ सिद्धियां प्राप्त की थीं।

3. पितृ पूजन के लिए विशेष महत्व  

  • मोक्ष और तर्पण का केंद्र: सिद्धवट को पितृ कर्म, श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए भारत के सबसे शक्तिशाली और पवित्र तीर्थों में से एक माना जाता है। इसे "उज्जैन की गया" भी कहा जाता है।

  • पितृ दोष से मुक्ति: जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष, कालसर्प दोष या पूर्वजों की अशांति से जुड़ी बाधाएं होती हैं, उनके लिए सिद्धवट पर पूजन करना अचूक उपाय माना जाता है।

रिव्यू और रेटिंगकारी

हमारे प्रिय भक्तों का Mahakal.com के बारे में क्या कहना है, पढ़ें।गकारी

Frequently asked questions

Quick - reference guide designed to save you time.

उत्तर: उपलब्ध सूची में से अपनी इच्छित पूजा चुनें, पसंदीदा तिथि और समय चुनें, आवश्यक विवरण भरें और अपनी बुकिंग की पुष्टि करने के लिए भुगतान पूरा करें।

उत्तर: बुकिंग के बाद, आपको निर्धारित समय, पंडित विवरण और वर्चुअल सत्र में शामिल होने के लिए एक लिंक (यदि लागू हो) के साथ एक पुष्टिकरण ईमेल या एसएमएस प्राप्त होगा।
उत्तर: एक बार ऑनलाइन पूजा बुक हो जाने के बाद आप उसे पुनर्निर्धारित या रद्द नहीं कर सकते। अनुष्ठान की उचित व्यवस्था और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए सभी बुकिंग अंतिम हैं।
उत्तर: यदि आप सत्र में शामिल होने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो कृपया अपना इंटरनेट कनेक्शन जांचें और अपने पुष्टिकरण ईमेल में विवरण सत्यापित करें। यदि समस्या बनी रहती है, तो सहायता के लिए सहायता से संपर्क करें।
उत्तर: हां, हमारी सभी ऑनलाइन पूजाएं अनुभवी और योग्य पंडितों द्वारा आयोजित की जाती हैं जो पारंपरिक अनुष्ठानों का पालन करते हैं और आपकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत प्रार्थनाएं करते हैं।
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