रुद्र अभिषेक
काशी के इस पावन स्थल पर विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप और हवन किया जाता है। इसमें गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक कर उनके दिव्य स्वरूप को प्रसन्न किया जाता है।
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काशी के इस पावन स्थल पर विद्वान आचार्यों द्वारा पूरी वैदिक विधि-विधान से रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप और हवन संपन्न किया जाता है।
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इसमें सबसे पहले गणेश-गौरी पूजन और संकल्प किया जाता है, जिससे सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं।
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भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, और पंचामृत से स्नान कराते हुए पवित्र रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का सस्वर पाठ किया जाता है।
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पूजा के अंत में महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियों के साथ हवन किया जाता है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
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इस अनुष्ठान में यमराज, महामृत्यु और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का भी स्मरण कर उनके आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है।
धन्वंतरि कुआं, तीर्थ महामृत्युंजय, काशी,उत्तर प्रदेश