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सूर्य ग्रहण दोष शांति पूजन
सूर्य राहु केतु युति ग्रहण दोष निवारण पूजन
सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति से उत्पन्न ग्रहण दोष के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजन आत्मविश्वास, मान-सम्मान, निर्णय क्षमता, नेतृत्व गुण तथा कार्यक्षेत्र में प्रगति को प्रोत्साहित कर जीवन में सकारात्मकता, स्थिरता और शुभता लाने में सहायक माना जाता है।
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन (म.प्र.)
Booking Date

19, जून, शुक्रवार

पूजा की बुकिंग बंद हो जाएगी: 18-06-26
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अब तक10000 +भक्तोंने महाकाल.कॉम की पूजा सेवा के माध्यम से आयोजित पूजा में सहभागी बन चुके हैं।

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन

सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति जनित ग्रहण दोष की शांति हेतु

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, जीवन शक्ति, अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा पितृ कृपा का कारक माना जाता है। जब जन्मकुंडली में सूर्य की राहु अथवा केतु के साथ युति बनती है, तब इसे पारंपरिक रूप से सूर्य ग्रहण दोष अथवा सूर्य ग्रहण योग का निर्माण करने वाला योग माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रह स्थिति सूर्य के प्राकृतिक तेज एवं शक्ति को प्रभावित कर सकती है, जिससे व्यक्ति की आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, मान्यता प्राप्त करने की क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता तथा जीवन की दिशा से जुड़ी परिस्थितियाँ प्रभावित हो सकती हैं।

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन एक पवित्र वैदिक अनुष्ठान है, जिसे इस ग्रह योग से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति की कामना से सम्पन्न किया जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, नवग्रह पूजन एवं हवन के माध्यम से सम्पन्न यह पूजन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने तथा राहु एवं केतु द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली ग्रह ऊर्जा में सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करता है। यह अनुष्ठान जीवन में आत्मबल, स्पष्टता, स्थिरता एवं शुभ प्रगति को प्रोत्साहित करने की भावना से किया जाता है।

ज्योतिषीय महत्व

  • वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता, जीवन शक्ति तथा पितृ कृपा का कारक माना जाता है।
  • सूर्य की राहु अथवा केतु के साथ युति को पारंपरिक रूप से सूर्य ग्रहण दोष का निर्माण करने वाला योग माना जाता है, जो सूर्य द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले प्राकृतिक बल एवं सकारात्मक गुणों को प्रभावित कर सकता है।
  • सूर्य-राहु युति को प्रायः आत्म-पहचान, मान्यता, अधिकार, सार्वजनिक छवि तथा निर्णय लेने की क्षमता से संबंधित चुनौतियों के साथ जोड़ा जाता है।
  • सूर्य-केतु युति आत्म-संशय, आंतरिक संघर्ष, उपलब्धियों से विरक्ति अथवा अपनी पूर्ण क्षमता को व्यक्त करने में कठिनाई जैसी प्रवृत्तियाँ उत्पन्न कर सकती है।
  • राहु और केतु, छाया ग्रह होने के कारण, कर्मजनित शिक्षाओं, भ्रम, अप्रत्याशित परिस्थितियों तथा जीवन में परिवर्तनकारी अनुभवों से जुड़े माने जाते हैं।
  • यह ग्रहण दोष पारंपरिक रूप से उन व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में अधिक स्पष्टता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा स्थिरता प्राप्त करना चाहते हैं।
  • सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन ग्रहों में सामंजस्य स्थापित करने, सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को सुदृढ़ करने तथा सूर्य देव एवं नवग्रहों की कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

पूजन के प्रभाव

  • सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति से जुड़े अशुभ ज्योतिषीय प्रभावों की शांति में सहायक माना जाता है।
  • आत्मविश्वास, आत्मबल एवं सकारात्मक आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है।
  • नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की योग्यता के विकास में सहायक माना जाता है।
  • व्यक्तिगत विकास, मान्यता प्राप्ति तथा व्यावसायिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाली परिस्थितियों को कम करने में सहायक माना जाता है।
  • मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता तथा जीवन की चुनौतियों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है।
  • दैनिक जीवन में स्थिरता, दृढ़ संकल्प तथा उद्देश्यपूर्ण सोच को बढ़ावा देता है।
  • सूर्य देव एवं नवग्रहों की दिव्य कृपा द्वारा समग्र कल्याण, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है।

निष्कर्ष

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन केवल ग्रह शांति का अनुष्ठान नहीं है; यह एक पवित्र वैदिक साधना है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति के भीतर सूर्य तत्व को सुदृढ़ करना है। सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति के ज्योतिषीय प्रभावों की शांति हेतु शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न यह पूजन साधकों को दिव्य कृपा, ग्रह सामंजस्य तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

श्रद्धा, समर्पण एवं पारंपरिक वैदिक विधियों के अनुसार सम्पन्न यह पवित्र अनुष्ठान आत्मविश्वास, स्पष्टता, गरिमा एवं सकारात्मक परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में सहायक माना जाता है। सूर्य देव की कृपा तथा नवग्रहों के मंगलमय आशीर्वाद की प्राप्ति की कामना के साथ यह पूजन संतुलित एवं समृद्ध जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रयास माना जाता है।

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन के लाभ

  • सूर्य ग्रहण दोष की शांति जन्मकुंडली में सूर्य-राहु एवं सूर्य-केतु युति से उत्पन्न ग्रहण दोष के अशुभ प्रभावों की शांति में सहायक माना जाता है।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि आत्मबल, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।
  • नेतृत्व क्षमता का विकास सूर्य से संबंधित नेतृत्व, अधिकार एवं जिम्मेदारी निभाने की क्षमता को प्रोत्साहित करता है।
  • मानसिक स्पष्टता की प्राप्ति एकाग्रता, स्पष्ट सोच एवं संतुलित निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
  • करियर एवं प्रतिष्ठा में सहयोग कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाओं को कम कर प्रगति, पहचान एवं मान-सम्मान प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।
  • सूर्य तत्व को सुदृढ़ करना जीवन में ऊर्जा, दृढ़ संकल्प, उत्साह एवं सकारात्मक व्यक्तित्व को बढ़ावा देने में सहायक माना जाता है।
  • सूर्य देव एवं नवग्रहों की कृपा सूर्य देव एवं नवग्रहों के मंगलमय आशीर्वाद से जीवन में शुभता, सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है।

बुकिंग प्रक्रिया

1. पूजा पैकेज चुनें

अपना पसंदीदा पैकेज चुनें: व्यक्तिगत, साथी, पारिवारिक, या संयुक्त परिवार पूजा- जो आपकी आध्यात्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

2. वैकल्पिक पेशकश और समीक्षा विवरण जोड़ें

आध्यात्मिक आशीर्वाद अर्जित करने के लिए गौ सेवा, वस्त्र दान, या भोजन दान, पेड़ लगाना और बहुत कुछ जैसे प्रसाद शामिल करके अपने अनुभव को बढ़ाएं।

अपने चयनित पूजा के लिए भुगतान विवरण की समीक्षा करें, जिसमें पैकेज और आपके द्वारा जोड़ा गया कोई भी अतिरिक्त प्रसाद शामिल है।

3. भुगतान करें

क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट सहित ऑनलाइन भुगतान विकल्पों को सुरक्षित करने के लिए आगे बढ़ें। अपने भुगतान को अंतिम रूप देने से पहले सभी विवरणों की समीक्षा करें।

4. मंगलाचरण के लिए विवरण दर्ज करें

फॉर्म में अपना नाम और गोत्र भरें, और पूजा में भाग लेने वाले परिवार के सदस्यों के नाम और गोत्र जोड़ें।

 

मंदिर का विवरण

श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन (मध्य प्रदेश)

श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन, भारत के प्रमुख नवग्रह उपासना एवं ग्रह शांति अनुष्ठानों के पावन केंद्रों में से एक माना जाता है। पवित्र उज्जैन नगरी के त्रिवेणी क्षेत्र के निकट स्थित यह मंदिर सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु सहित समस्त नवग्रहों को समर्पित है। यह मंदिर विभिन्न ग्रह दोषों एवं ग्रहजनित बाधाओं की शांति हेतु वैदिक अनुष्ठानों और ग्रह शांति पूजाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन में विशेष रूप से सूर्य देव, राहु एवं केतु की आराधना का अत्यधिक महत्व है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, तेज, प्रतिष्ठा, अधिकार, नेतृत्व क्षमता एवं जीवन ऊर्जा का कारक माना गया है, जबकि राहु और केतु कर्मजनित प्रभावों, ग्रहण योगों एवं छाया ग्रहों के रूप में वर्णित किए गए हैं। जब जन्मकुंडली में सूर्य की राहु अथवा केतु के साथ युति बनती है, तब सूर्य ग्रहण दोष का निर्माण माना जाता है, जिसकी शांति हेतु शास्त्रों में विशेष वैदिक अनुष्ठानों का उल्लेख मिलता है। यह पूजन संकल्प, नवग्रह आराधना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन के माध्यम से शास्त्रोक्त विधि-विधान अनुसार सम्पन्न किया जाता है।

उज्जैन प्राचीन काल से ही ज्योतिष, खगोल विज्ञान एवं आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ज्योतिष शास्त्र से इसके गहरे संबंध के कारण यह नगरी ग्रह शांति एवं दोष निवारण अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व रखती है। देशभर से श्रद्धालु श्री नवग्रह शनि मंदिर में आकर नवग्रहों की कृपा प्राप्त करने तथा ग्रहजनित दोषों की शांति हेतु वैदिक पूजन-अनुष्ठान सम्पन्न कराते हैं।

इस पवित्र मंदिर में श्रद्धा एवं संकल्पपूर्वक सम्पन्न सूर्य ग्रहण दोष निवारण पूजन के माध्यम से साधक सूर्य देव एवं नवग्रहों की कृपा, ग्रहण दोष की शांति, आत्मबल, स्पष्टता, स्थिरता तथा जीवन में शुभ प्रगति की कामना करते हैं।

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उत्तर: उपलब्ध सूची में से अपनी इच्छित पूजा चुनें, पसंदीदा तिथि और समय चुनें, आवश्यक विवरण भरें और अपनी बुकिंग की पुष्टि करने के लिए भुगतान पूरा करें।

उत्तर: बुकिंग के बाद, आपको निर्धारित समय, पंडित विवरण और वर्चुअल सत्र में शामिल होने के लिए एक लिंक (यदि लागू हो) के साथ एक पुष्टिकरण ईमेल या एसएमएस प्राप्त होगा।
उत्तर: एक बार ऑनलाइन पूजा बुक हो जाने के बाद आप उसे पुनर्निर्धारित या रद्द नहीं कर सकते। अनुष्ठान की उचित व्यवस्था और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए सभी बुकिंग अंतिम हैं।
उत्तर: यदि आप सत्र में शामिल होने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो कृपया अपना इंटरनेट कनेक्शन जांचें और अपने पुष्टिकरण ईमेल में विवरण सत्यापित करें। यदि समस्या बनी रहती है, तो सहायता के लिए सहायता से संपर्क करें।
उत्तर: हां, हमारी सभी ऑनलाइन पूजाएं अनुभवी और योग्य पंडितों द्वारा आयोजित की जाती हैं जो पारंपरिक अनुष्ठानों का पालन करते हैं और आपकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत प्रार्थनाएं करते हैं।
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