आमलकी एकादशी 2026 - यह एकादशी कैसे देती है स्वास्थ्य, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद ?

आमलकी एकादशी 2026 भगवान Vishnu को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी व्रत है। जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, स्वास्थ्य लाभ, धन-समृद्धि और मोक्ष का महत्व। यह पावन एकादशी जीवन में आरोग्य, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है। संपूर्ण जानकारी के लिए Mahakal.com पर विजिट करें।

आमलकी एकादशी 2026 - यह एकादशी कैसे देती है स्वास्थ्य, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद ?

आमलकी एकादशी 2026 - यह एकादशी कैसे देती है स्वास्थ्य, समृद्धि और मोक्ष काआशीर्वाद ?

आमलकी एकादशी 2026 भगवान Vishnu को समर्पित अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली एकादशी है। यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है और इसका संबंध पवित्र आंवला (आमलकी) वृक्ष से माना जाता है।सनातन धर्म में यह एकादशी भक्ति, आयुर्वेद और आध्यात्मिक साधना का अद्भुत संगम मानी जाती है।इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से अच्छा स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और मोक्ष (मुक्ति) की प्राप्ति होती है।

आमलकी एकादशी का आध्यात्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार:

  • आंवला वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है।
  • आंवला वृक्ष के नीचे पूजा करने से पाप और कर्म दोष समाप्त होते हैं।
  • इस दिन व्रत रखने से शरीर और मन की शुद्धि होती है।
  •  श्रद्धा से पूजा करने वाला भक्त विष्णु लोक की प्राप्ति करता है।

यह एकादशी भक्त को सांसारिक कष्टों से मुक्त कर दिव्य ऊर्जा से जोड़ती है।

आमलकी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि (भारतीय समय अनुसार) :

  • एकादशी प्रारंभ: 26 फरवरी 2026, रात 12:33 बजे
  • एकादशी समाप्त: 27 फरवरी 2026, रात 10:32 बजे

पारण (व्रत खोलने का समय) :

  • पारण तिथि: 28 फरवरी 2026
  • पारण समय: सुबह 06:50 बजे से 9:10 बजे तक

क्यों देती है यह एकादशी स्वास्थ्य लाभ?

“आमलकी” शब्द आंवला फल से संबंधित है, जो आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना जाता है।

आध्यात्मिक + स्वास्थ्य संबंध:

  • उपवास शरीर को डिटॉक्स करता है।
  • पाचन शक्ति मजबूत होती है।
  •  मानसिक स्पष्टता बढ़ती है।
  •  सात्विक जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है।
  • यह व्रत धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन के समय शरीर शुद्धि का वैज्ञानिक माध्यम भी है।

क्यों लाती है समृद्धि?

मान्यता है कि आमलकी एकादशी का व्रत:

  • आर्थिक बाधाएं दूर करता है।
  • करियर और व्यापार में स्थिरता देता है।
  • भगवान विष्णु की कृपा आकर्षित करता है।
  • परिवार में सुख और सामंजस्य लाता है।

यहां समृद्धि का अर्थ केवल धन नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन में संतुलन और सुख है।

मोक्ष से क्यों जुड़ी है यह एकादशी?

वैष्णव परंपरा में एकादशी व्रत को सर्वोच्च साधना माना गया है।

इस दिन:

  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी है।
  • अन्न, वस्त्र या आंवला दान से पुण्य बढ़ता है।
  • रात्रि जागरण आध्यात्मिक उन्नति देता है।
  • सच्ची भक्ति संचित कर्मों को नष्ट करती है।

श्रद्धापूर्वक किया गया व्रत जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति का मार्ग खोलता है।

आमलकी एकादशी की कथा

पुराणों के अनुसार एक धर्मपरायण राजा ने पूर्ण श्रद्धा से आमलकी एकादशी का व्रत किया। मृत्यु के बाद भी भगवान विष्णु की कृपा से उसे नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिली और अंततः मोक्ष की प्राप्ति हुई।

यह कथा बताती है:

  • भक्ति भाग्य से बड़ी है।
  • विष्णु की कृपा सदैव रक्षक है।
  •  अनुशासित व्रत जीवन को दिव्य बनाता है।

आमलकी एकादशी 2026 पूजा विधि

  • प्रातः काल स्नान करें।
  • व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • आंवला वृक्ष पर जल, दीपक और पुष्प अर्पित करें।
  • विष्णु मंत्रों का जप करें।
  • दान-पुण्य करें।

 निष्कर्ष

आमलकी एकादशी 2026 आत्मशुद्धि, आरोग्य, धन-समृद्धि और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य अवसर है। 26 फरवरी 2026 की रात्रि से 27 फरवरी 2026 तक यह पावन तिथि विशेष फलदायी रहेगी, और 28 फरवरी 2026 को प्रातः 06:50 से 09:10 बजे तक पारण करना शुभ माना गया है।भगवान विष्णु की आराधना और आंवला वृक्ष की पूजा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, रोगों से रक्षा और आध्यात्मिक जागरण संभव है।

यह पावन एकादशी आपके जीवन में स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति लेकर आए।

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