सुनहला रत्न (Sunhela Stone), जिसे पुखराज (Yellow Sapphire) का उपरत्न माना जाता है, ज्ञान, समृद्धि और दिव्य आशीर्वाद देने वाले ग्रह गुरु (बृहस्पति) से जुड़ा हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में इसे पहनने से धन की वृद्धि, मानसिक स्पष्टता और सामाजिक सम्मान प्राप्त होता है। पुखराज महंगा होने के कारण सुनहला रत्न उन लोगों के लिए एक उत्तम विकल्प है जो गुरु ग्रह के सकारात्मक प्रभाव को पाना चाहते हैं।
🌙 कौन पहन सकता है?
सुनहला रत्न धनु और मीन राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ है। मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को भी इसका लाभ मिल सकता है। लेकिन जिनकी कुंडली में गुरु अशुभ या अकारक हैं, उन्हें इसे बिना किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के धारण नहीं करना चाहिए।
📿 धारण करने की विधि:
सुनहला रत्न गुरुवार की सुबह सूर्योदय के बाद धारण करना चाहिए। इसे पहनने से पहले कच्चे दूध, गंगाजल, घी, शहद और तुलसी की पत्तियों के मिश्रण से शुद्ध करें। तत्पश्चात “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं गुरवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। रत्न को सोना, चांदी या अष्टधातु में जड़वाकर दाएं हाथ की तर्जनी (Index Finger) में धारण करें।
✨ सुनहला रत्न के लाभ:
व्यापार, नौकरी और आर्थिक जीवन में स्थिर व सतत प्रगति।
छात्रों के लिए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता।
बुद्धिमत्ता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि।
समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति।
परिवार में प्रेम, शांति और सामंजस्य बनाए रखना।
पूर्ण विश्वास और भरोसे के लिए प्रत्येक रत्न के साथ सर्टिफिकेट उपलब्ध है।
🌟 जो लोग धन, बुद्धि, सम्मान और सफलता की इच्छा रखते हैं, उनके लिए सुनहला रत्न एक शुभ और शक्तिशाली विकल्प है। इसे सही विधि से धारण करने पर यह गुरु ग्रह की कृपा दिलाता है और जीवन में समृद्धि, शांति व उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। ✨
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