आस-पास के मंदिर
The Bhasma Aarti is considered the most divine and extraordinary ritual dedicated to Lord Shri Mahakaleshwar. Performed daily during the *Brahma Muhurta* (the auspicious pre-dawn hours) this *Aarti* is a focal point of faith for hundreds of thousands of devotees.
If you wish to obtain information regarding the official Bhasma Aarti booking Darshan rules entry procedures and the latest guidelines for the Shri Mahakaleshwar Temple please click the button below.
उज्जैन,
Madhya Pradesh,
India
खुलने का समय : 08:00 AM - 09:30 PM
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अष्टविनायक मंदिर के बारे में
भगवान गणेश को समर्पित एक भव्य, नवनिर्मित मंदिर, जिसमें अष्टविनायक के आठ रूपों की 8-फुट ऊंची मूर्तियाँ हैं (महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अष्टविनायक मंदिरों के समान)। यह लगभग सात एकड़ में फैला हुआ है।
क्या अपेक्षा करें ?
भक्तों को भगवान गणेश की आठ अलग-अलग और भव्य मूर्तियों के दर्शन होते हैं, जिनमें से प्रत्येक अष्टविनायक के एक रूप का प्रतिनिधित्व करती है, यह मंदिर एक विशाल और आधुनिक मंदिर परिसर में स्थित है। मंदिर को एक शांत आध्यात्मिक अनुभव के लिए बनाया गया है।
टिप्स विवरण
अष्टविनायक मंदिर के बारे में अधिक जानकारी
एमपी की धर्मनगरी उज्जैन को दुनियाभर में महाकाल मंदिर के लिए जाना जाता है। इसका आकर्षण अब और बढ़ गया है। यहां भगवान गणेश का भव्य मंदिर भी बना है जहां भक्त अष्ट विनायक के दर्शन कर सकेंगे। महाराष्ट्र के विख्यात अष्ट विनायक मंदिर की तर्ज पर इसका निर्माण किया गया है। मंदिर में भगवान गणेश के आठ स्वरूपों को स्थापित किया गया है। करीब सात एकड़ के विशाल परिसर में बने अष्ट विनायक धाम का लोकार्पण 5 मई को हुआ। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव थे।
यूं तो उज्जैन सिद्ध स्थलों और मंदिरों के लिए विख्यात है पर यहां अष्ट विनायक भी विराजित हो रहे हैं। सांवराखेड़ी में नवनिर्मित मंदिर में श्री अष्टविनायक की 8 फीट की मूर्ति स्थापित की गई है।
मंदिर का निर्माण करीब 51 करोड़ की जमीन पर किया
अष्टविनायक मंदिर के प्रमुख सेवादार पंडित हेमंत व्यास ने मीडिया को बताया कि मंदिर का शिलापूजन सात साल पहले हुआ था। इसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। राजस्थान व गुजरात के कलाकारों ने मंत्रोच्चार के साथ इस इस मंदिर को आकार दिया है। मंदिर का निर्माण करीब 51 करोड़ की जमीन पर किया गया है।
श्री अष्टविनायक मंदिर में मुख्य शिखर के अलावा आठ उप-शिखरों का निर्माण किया गया है। इनमें अष्टविनायक के मंगल विग्रह स्थापित किए गए हैं। भगवान श्री गणेश के साथ देवी ऋद्धि-सिद्धि भी यहां विराजमान हैं। मुख्य मंदिर में लाल पत्थर से निर्मित नक्काशीदार मंडप से भक्त अष्टविनायक के सभी आठों स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर ज्ञात
समय
प्रवेश शुल्क
टिप्स और पाबंदियाँ
सुविधाएँ
समय की आवश्यकता
अष्टविनायक मंदिर कैसे पहुँचें?
अष्टविनायक मंदिर सेवाएं
अष्टविनायक मंदिर आरती का समय
अभी तक विशिष्ट समय की घोषणा व्यापक रूप से नहीं की गई है। मंदिर प्राधिकरण द्वारा बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी।
पर्यटक स्थल
अष्टविनायक मंदिर के पास देखने योग्य स्थान
अष्टविनायक मंदिर के निकट अन्य धार्मिक स्थल
अष्टविनायक मंदिर की स्थानीय भोजन विशेषता
Parul
Kabir Shah
Ravindra Jain
Kabir Shah
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