श्री अष्टविनायक मंदिर
उज्जैन, Madhya Pradesh, India
Booking Date

खुलने का समय : 08:00 AM - 09:30 PM

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अष्टविनायक मंदिर के बारे में

भगवान गणेश को समर्पित एक भव्य, नवनिर्मित मंदिर, जिसमें अष्टविनायक के आठ रूपों की 8-फुट ऊंची मूर्तियाँ हैं (महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अष्टविनायक मंदिरों के समान)। यह लगभग सात एकड़ में फैला हुआ है।

क्या अपेक्षा करें ? 

भक्तों को भगवान गणेश की आठ अलग-अलग और भव्य मूर्तियों के दर्शन होते हैं, जिनमें से प्रत्येक अष्टविनायक के एक रूप का प्रतिनिधित्व करती है, यह मंदिर एक विशाल और आधुनिक मंदिर परिसर में स्थित है। मंदिर को एक शांत आध्यात्मिक अनुभव के लिए बनाया गया है।

टिप्स विवरण 

  • मौसम उष्णकटिबंधीय जलवायु।
  • भाषा हिन्दी, अंग्रेजी, मालवी।
  • मुद्रा भारतीय रुपया।
  • स्थानीय आपातकालीन नं. पुलिस: 100, अग्निशमन: 101, एम्बुलेंस: 102।
  • यात्रा के लिए सर्वोत्तम समय अक्टूबर से मार्च (सर्दियों) का मौसम यात्रा के लिए सबसे सुखद होता है।
  • मंदिर ड्रेस कोड कोई सख्त ड्रेस कोड नहीं है, लेकिन शालीनता से कपड़े पहनें - कंधे और घुटने ढके रहें।
आस-पास के मंदिर

 

अधिक जानकारी

 

अष्टविनायक मंदिर के बारे में अधिक जानकारी

एमपी की धर्मनगरी उज्जैन को दुनियाभर में महाकाल मंदिर के लिए जाना जाता है। इसका आ​कर्षण अब और बढ़ गया है। यहां भगवान गणेश का भव्य मंदिर भी बना है जहां भक्त अष्ट विनायक के दर्शन कर सकेंगे। महाराष्ट्र के विख्यात अष्ट विनायक मंदिर की तर्ज पर इसका निर्माण किया गया है। मंदिर में भगवान गणेश के आठ स्वरूपों को स्थापित किया गया है। करीब सात एकड़ के विशाल परिसर में बने अष्ट विनायक धाम का लोकार्पण 5 मई को हुआ। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव थे।

यूं तो उज्जैन सिद्ध स्थलों और मंदिरों के लिए विख्यात है पर यहां अष्ट विनायक भी विराजित हो रहे हैं। सांवराखेड़ी में नवनिर्मित मंदिर में श्री अष्टविनायक की 8 फीट की मूर्ति स्थापित की गई है। 

मंदिर का निर्माण करीब 51 करोड़ की जमीन पर किया

अष्टविनायक मंदिर के प्रमुख सेवादार पंडित हेमंत व्यास ने मीडिया को बताया कि मंदिर का शिलापूजन सात साल पहले हुआ था। इसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। राजस्थान व गुजरात के कलाकारों ने मंत्रोच्चार के साथ इस इस मंदिर को आकार दिया है। मंदिर का निर्माण करीब 51 करोड़ की जमीन पर किया गया है।

मुख्य शिखर के अलावा आठ उप-शिखर

श्री अष्टविनायक मंदिर में मुख्य शिखर के अलावा आठ उप-शिखरों का निर्माण किया गया है। इनमें अष्टविनायक के मंगल विग्रह स्थापित किए गए हैं। भगवान श्री गणेश के साथ देवी ऋद्धि-सिद्धि भी यहां विराजमान हैं। मुख्य मंदिर में लाल पत्थर से निर्मित नक्काशीदार मंडप से भक्त अष्टविनायक के सभी आठों स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे।

मंदिर ज्ञात
यह मंदिर उज्जैन का पहला और एकमात्र स्थान है जहां भक्त सामूहिक रूप से भगवान गणेश के सभी आठ पवित्र रूपों के दर्शन कर सकते हैं।

समय
Open : 08:00 AM Close : 09:30 PM

प्रवेश शुल्क
No General Entry Fee for Darshan.

टिप्स और पाबंदियाँ
मंदिर परिसर के अंदर शांति और सम्मान बनाए रखें; फोटोग्राफी के नियम भिन्न हो सकते हैं (स्थल पर जांच लें)।

सुविधाएँ
पार्किंग, शौचालय, श्रद्धालुओं के लिए संभावित बुनियादी सुविधाएं (विवरण की पुष्टि यात्रा के समय की जाएगी)।

समय की आवश्यकता
Varies based on crowd.

अष्टविनायक मंदिर कैसे पहुँचें?

  • हवाई मार्ग से निकटतम हवाई अड्डा इंदौर (IDR) है, जो 55 किमी दूर है। उज्जैन के लिए टैक्सी और बसें उपलब्ध हैं।
  • रेल मार्ग से उज्जैन जंक्शन (UJN) अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। मंदिर तक स्थानीय परिवहन उपलब्ध है।
  • सड़क मार्ग से उज्जैन राजमार्गों से जुड़ा हुआ है; बसें और निजी वाहन आसानी से उपलब्ध हैं।

अष्टविनायक मंदिर सेवाएं

  • स्पर्श, विशेष, वीआईपी दर्शन (जो उपलब्ध हो) के लिए मंदिर टिकट की कीमत दर्शन टिकट की कीमतें (स्पर्श/विशेष/वीआईपी) मंदिर द्वारा निर्धारित की जाती हैं और बाद में घोषित की जायेंगी।
  • मंदिर पूजा मूल्य सूची, की जाने वाली पूजाएँ पूजा का विवरण और कीमतें आमतौर पर मंदिर प्राधिकरण द्वारा बहुत जल्द घोषित की जायेंगी।
  • ऑनलाइन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया (यदि उपलब्ध हो) मंदिर प्राधिकरण द्वारा अभी तक प्रकाशित और घोषित नहीं किया गया है।

अष्टविनायक मंदिर आरती का समय 

अभी तक विशिष्ट समय की घोषणा व्यापक रूप से नहीं की गई है। मंदिर प्राधिकरण द्वारा बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी।

पर्यटक स्थल

अष्टविनायक मंदिर के पास देखने योग्य स्थान

  • रामघाट
  • वेध शाला (जंतर मंतर)
  • समुद्र मंथन
  • तारा मंडल
  • सम्राट विक्रमादित्य प्रतिमा
  • सिंहासन बत्तीसी

अष्टविनायक मंदिर के निकट अन्य धार्मिक स्थल

  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
  • नवग्रह शनि मंदिर
  • कालभैरव मंदिर
  • हरसिद्धि माता मंदिर
  • सांदीपनि आश्रम
  • मंगलनाथ मंदिर
  • गढ़कालिका मंदिर
  • चिंतामन गणेश मंदिर
  • इस्कॉन मंदिर (उज्जैन)

अष्टविनायक मंदिर की स्थानीय भोजन विशेषता  

  • पोहा-जलेबी (नाश्ता)
  • दाल बाफला (राजस्थानी दाल बाटी चूरमा के समान)
  • भुट्टे की कीस (कद्दूकस किया हुआ मकई का व्यंजन)

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