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The Bhasma Aarti is considered the most divine and extraordinary ritual dedicated to Lord Shri Mahakaleshwar. Performed daily during the *Brahma Muhurta* (the auspicious pre-dawn hours) this *Aarti* is a focal point of faith for hundreds of thousands of devotees.
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उज्जैन,
Madhya Pradesh,
India
खुलने का समय : 05:00 AM - 10:00 PM
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हरसिद्धि माता मंदिर के बारे में
उज्जैन का हरसिद्धि माता मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, जो देवी पार्वती के शक्तिशाली स्वरूप माता हरसिद्धि को समर्पित है। यहाँ स्थित विशाल दीपस्तंभ नवरात्रि के दौरान दिव्य प्रकाश से आलोकित होते हैं। यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण है।
क्या अपेक्षा करें ?
हरसिद्धि माता मंदिर में आप एक गहन आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति से भरे परंपरागत अनुभव की अपेक्षा कर सकते हैं। यह मंदिर अपने भव्य दीपस्तंभों के लिए प्रसिद्ध है, जो नवरात्रि के दौरान अद्भुत रूप से प्रज्वलित होते हैं। भक्त माता को तेल के दीपक, नारियल, लाल चुनरी और सिंदूर अर्पित करते हैं। यहाँ पर नवरात्रि का उत्सव अत्यंत भव्य होता है, जब हजारों दीपक जलाकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया जाता है। पर्वों के दौरान भीड़ अधिक होती है, लेकिन दर्शन का अनुभव अविस्मरणीय रहता है।
टिप्स विवरण
हरसिद्धि माता मंदिर के बारे में अधिक जानकारी?
मध्य प्रदेश के उज्जैन में माता हरसिद्धि मंदिर एक पूजनीय शक्तिपीठ है और हिंदू परंपरा में इसका महत्वपूर्ण पौराणिक महत्व है।
यह मंदिर उन 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ भगवान शिव द्वारा देवी सती के अवशेषों को ब्रह्मांड में ले जाने के बाद उनके शरीर के अंग गिरे थे। विशेष रूप से, ऐसा कहा जाता है कि सती की दाहिनी कोहनी इसी स्थान पर गिरी थी, जिसके कारण हरसिद्धि मंदिर की स्थापना हुई।
स्कंद पुराण के अनुसार, देवी पार्वती के एक अन्य रूप, देवी चंडी को भगवान शिव ने "हरसिद्धि" की उपाधि प्रदान की थी, जब उन्होंने चंड और प्रचंड नामक राक्षसों का वध किया था। उनकी वीरता से प्रसन्न होकर, शिव ने उन्हें "हरसिद्धि" नाम दिया, जिसका अर्थ है "सबको जीतने वाली"।
यह मंदिर राजा विक्रमादित्य से भी जुड़ा है, जो हरसिद्धि माता के प्रति अपनी भक्ति के लिए जाने जाते थे। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाया था और नियमित रूप से देवी की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था। मंदिर की वास्तुकला में मराठा प्रभाव झलकता है, जिसमें दो विशाल दीप स्तंभ हैं जो अनेक दीपों से सुसज्जित हैं, जो मराठा कला की एक विशेषता है।
अनन्य विशेषताएं
हरसिद्धि मंदिर नवरात्रि उत्सव के दौरान विशेष रूप से जीवंत रहता है, जहाँ हज़ारों श्रद्धालु प्रार्थना, अनुष्ठान और उत्सवों में शामिल होते हैं। इस दौरान मंदिर का वातावरण भक्तिमय उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत होता है।
उज्जैन आने वाले पर्यटक अक्सर हरसिद्धि मंदिर को अपनी तीर्थयात्रा में शामिल करते हैं, क्योंकि इसकी समृद्ध पौराणिक कथाओं, ऐतिहासिक महत्व और आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें आकर्षित किया है।
मंदिर ज्ञात
समय
प्रवेश शुल्क
टिप्स और पाबंदियाँ
सुविधाएँ
समय की आवश्यकता
हरसिद्धि माता मंदिर, उज्जैन कैसे पहुँचें?
हरसिद्धि माता मंदिर, उज्जैन सेवाएं
हरसिद्धि माता मंदिर, उज्जैन की आरती का समय
पर्यटन स्थल
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