नवचंडी पाठ
नवचंडी पाठ माँ दुर्गा को समर्पित दुर्गा सप्तशती का एक अत्यंत शक्तिशाली और विशेष अनुष्ठान है। इसमें दुर्गा सप्तशती के 700 श्लोकों का नौ बार पाठ किया जाता है, जिसके पूर्ण होने पर नियमानुसार हवन और पूर्णाहुति की जाती है। यह अनुष्ठान जीवन के संकटों से मुक्ति दिलाने और माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
नवचंडी पाठ क्या है?
- परिभाषा: इसमें दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) के 700 श्लोकों का नौ बार पाठ किया जाता है।
- स्वरूप: यह अनुष्ठान आमतौर पर 9 ब्राह्मणों द्वारा 9 दिनों में या एक विशेष दिन में पूरा किया जाता है, जिसके अंत में दशांश (दसवां हिस्सा) हवन होता है।
- मुख्य अवसर: इसे मुख्य रूप से चैत्र या शारदीय नवरात्रि के दौरान किया जाता है।
पूजन और हवन की सामान्य विधि
- संकल्प: पवित्र जल से आचमन और शुद्धि के बाद गणेश, नवग्रह और नवदुर्गा का आह्वान किया जाता है।
- पाठ: नौ दिनों तक नियमपूर्वक दुर्गा सप्तशती के अध्यायों का पाठ किया जाता है।
- हवन: पाठ पूर्ण होने के बाद हवन और पूर्णाहुति की जाती है
रामेश्वर महादेव मंदिर,उज्जैन