पितृ दोष शांति पूजा शिप्रा घाट उज्जैन
सिद्धवट उज्जैन
01 January, Thursday
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🪔 पितृ तर्पण पूजा
पितृ तर्पण एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक जल एवं निर्धारित पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। यह अनुष्ठान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से किया जाता है।
✦ तर्पण की प्रमुख विधियां
- संकल्प एवं पूजा का शुभारंभ
- पवित्र जल द्वारा पितरों का तर्पण
- निर्धारित पूजा सामग्री का अर्पण
- मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठान
- पितरों के प्रति श्रद्धा एवं प्रार्थना
- निर्धारित विधि के अनुसार पूजा का समापन
✦ पूजा का उद्देश्य
तर्पण के माध्यम से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हैं और उनके निमित्त धार्मिक कर्म करते हैं। संपूर्ण पूजा निर्धारित विधि-विधान एवं पंडित/आचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न की जाती है।
तर्पण पूजा
🪔 पिंड दान पूजा
पिंड दान एक महत्वपूर्ण पितृ कर्म है, जिसमें दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक पिंड अर्पित किए जाते हैं। यह अनुष्ठान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से किया जाता है।
✦ पिंड दान की प्रमुख विधियां
- संकल्प एवं पूजा का शुभारंभ
- पिंड का विधिपूर्वक निर्माण
- पितरों के निमित्त पिंड अर्पण
- मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठान
- पितरों के प्रति श्रद्धा एवं प्रार्थना
- निर्धारित विधि के अनुसार पूजा का समापन
✦ पूजा का उद्देश्य
पिंड दान के माध्यम से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके निमित्त धार्मिक कर्म करते हैं। संपूर्ण पूजा निर्धारित विधि-विधान एवं पंडित/आचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न की जाती है।
पिंडदान पूजा
मंडल पूजन
पितरों के निमित्त विशेष मंडल (वेदी) का निर्माण कर, उसमें देवताओं और पितृ शक्ति का आह्वान कर विधिवत पूजन करना, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
तर्पण
कुशा, काले तिल और जल के द्वारा पितरों का तर्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना, जिससे उनकी आत्मा को तृप्ति मिलती है।
16 दिन तक पितृ मूल भागवत पाठ
पितरों की मुक्ति, सद्गति और कुल की उन्नति के लिए श्रीमद्भागवत महापुराण का 16 दिनों तक चलने वाला विशेष और अनवरत पाठ।
लाभ
इस अनुष्ठान से पितृ दोष शांत होता है, परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और दिवंगत आत्माओं को वैकुंठ की प्राप्ति होती है।
लाइव अनुभव
लाइव पूजा से पूर्व सूचना साझा की जाएगी। संपूर्ण रिकॉर्डेड वीडियो 4–5 दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा।
आध्यात्मिक प्रमाणपत्र
पूजन पूर्ण होने के पश्चात सुंदर आध्यात्मिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
दिव्य प्रसाद
पूजन का पवित्र प्रसाद 7–8 दिनों में सुरक्षित रूप से आपके घर भेजा जाएगा।
पितृ शांति मंडल, तर्पण एवं 16 दिवसीय भागवत पाठ अनुष्ठान
अपनी भक्ति अर्पित
अपनी पूजा के साथ-साथ आप चढ़ावा चढ़ा सकते हैं या अपनी भक्ति दिखाने के लिए दान कर सकते हैं।'
काले तिल चढ़ाएं
₹201/-तर्पण जल अर्पित करें
₹151/-About puja & significance
क्षिप्रा मोक्ष पिंड दान तर्पण पूजा
शिप्रा तट पिंडदान और तर्पण पूजा उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी के घाटों पर किया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजा पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए समर्पित होती है। श्राद्ध पक्ष, अमावस्या या विशेष तिथियों पर यह अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
पूजा का महत्व
- पितरों को मोक्ष और शांति की प्राप्ति होती है।
- पितृ दोष और पूर्वजों के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
- परिवार को मिलता है धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद।
पूजा की मुख्य विधि
- संकल्प – श्रद्धालु संकल्प लेकर पूजा प्रारंभ करता है।
- पिंडदान – चावल, जौ और तिल से बने पिंड पितरों को अर्पित किए जाते हैं।
- तर्पण – तिल मिश्रित जल से पितरों को तृप्त किया जाता है।
- हवन एवं मंत्रोच्चार – वैदिक मंत्रों से शुद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
- आशीर्वाद और समापन – पूजा के अंत में परिवार को पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
शिप्रा तट पर विशेषता
- शिप्रा नदी को अत्यंत पवित्र माना गया है।
- यहाँ किया गया पिंडदान और तर्पण दस गुना पुण्यफल प्रदान करता है।
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के निकट होने से इसका आध्यात्मिक प्रभाव और भी प्रबल हो जाता है।